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एसजीपीसी के शताब्दी स्थापना दिवस पर होंगे विशेष आयोजन, 15 नवंबर को गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवान हॉल में होगा मुख्य समागम
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अपने शताब्दी स्थापना दिवस (15 नवंबर) के लिए विशेष आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर ली है। शताब्दी कार्यक्रमों के आयोजन के लिए गठित कमेटी की एक बैठक तेजा सिंह समुंद्री हाल में एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल की अध्यक्षता में हुई।
बैठक के बाद लौंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी शताब्दी स्थापना दिवस के कार्यक्रम अगले वर्ष तक जारी रहेंगे। 13 नवंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग 15 नवंबर को डाले जाएंगे। इसके बाद एसजीपीसी परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में मुख्य समागम होगा। शताब्दी समारोह के समागम प्रभावशाली होंगे। सभी समागमों के लिए कई कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
इस समागमों में शामिल होने के लिए सभी तख्त साहिबान के जत्थेदारों, अलग-अलग सिख संगठनों के प्रतिनिधियों, पंथक नेताओं के साथ-साथ निहंग संगठनों को न्योता भेजा जाएगा। इन समागमों में एसजीपीसी की स्थापना का इतिहास, परंपरा के साथ एक शताब्दी पुरानी इस संस्था के विकास में योगदान डालने वालों के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी देने के लिए एक विशेष स्मारिका तैयार की जाएगी। इसे पढ़ने से संगत को एसजीपीसी के बारे में बहुपक्षीय जानकारी मिलेगी।
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एसजीपीसी की स्थापना के लिए कुर्बानियां देने वाले सिखों की एक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। नौजवानों को प्रेरित करने के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेजी फिल्म भी तैयार की जाएगी। बैठक में जूनियर उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह खालसा, महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, पूर्व आईएएस अधिकारी दरबारा सिंह गुरु और एसजीपीसी कार्यकारिणी के सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।
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बैठक के बाद लौंगोवाल ने कहा कि एसजीपीसी शताब्दी स्थापना दिवस के कार्यक्रम अगले वर्ष तक जारी रहेंगे। 13 नवंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब का शुभारंभ होगा। श्री अखंड पाठ साहिब के भोग 15 नवंबर को डाले जाएंगे। इसके बाद एसजीपीसी परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में मुख्य समागम होगा। शताब्दी समारोह के समागम प्रभावशाली होंगे। सभी समागमों के लिए कई कमेटियों का गठन कर दिया गया है।
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इस समागमों में शामिल होने के लिए सभी तख्त साहिबान के जत्थेदारों, अलग-अलग सिख संगठनों के प्रतिनिधियों, पंथक नेताओं के साथ-साथ निहंग संगठनों को न्योता भेजा जाएगा। इन समागमों में एसजीपीसी की स्थापना का इतिहास, परंपरा के साथ एक शताब्दी पुरानी इस संस्था के विकास में योगदान डालने वालों के बारे में नई पीढ़ी को जानकारी देने के लिए एक विशेष स्मारिका तैयार की जाएगी। इसे पढ़ने से संगत को एसजीपीसी के बारे में बहुपक्षीय जानकारी मिलेगी।
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एसजीपीसी की स्थापना के लिए कुर्बानियां देने वाले सिखों की एक चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। नौजवानों को प्रेरित करने के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेजी फिल्म भी तैयार की जाएगी। बैठक में जूनियर उपाध्यक्ष गुरबख्श सिंह खालसा, महासचिव हरजिंदर सिंह धामी, पूर्व आईएएस अधिकारी दरबारा सिंह गुरु और एसजीपीसी कार्यकारिणी के सदस्य व अधिकारी मौजूद थे।