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लाहौर आश्रय गृह से रिहा हुई सरबजीत कौर: बोली-मुंह में दांत न रहते तो भी पाकिस्तान आती, नासिर से गहरा रिश्ता
Sat, 14 Feb 2026 09:15 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 14 Feb 2026 09:15 AM IST
सार
सरबजीत ने कहा कि उनका और नासिर का आठ साल पुराना रिश्ता है। वे फेसबुक के माध्यम से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे मुंह में दांत न भी रहते, तब भी मैं पाकिस्तान आती। मैं अपनी बाकी जिंदगी यहीं खुशी से बिताऊंगी।
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Sarabjit Kaur
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सिख तीर्थयात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान गई सरबजीत कौर को लाहौर के महिला आश्रय गृह ‘दारुल अमन’ से रिहा कर दिया गया है।
धर्म परिवर्तन के बाद नूर फातिमा नाम रखने वाली सरबजीत अब शेखूपुरा स्थित अपने पति नासिर हुसैन के घर पहुंच गई है। उनके वकील अहमद हसन पाशा के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी। प्रारंभ में वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजने की तैयारी थी, लेकिन अंतिम समय में पाक अधिकारियों ने डिपोर्ट करने से इनकार कर दिया।
पाक मीडिया से बातचीत में सरबजीत ने कहा कि उनका और नासिर का आठ साल पुराना रिश्ता है। वे फेसबुक के माध्यम से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे मुंह में दांत न भी रहते, तब भी मैं पाकिस्तान आती। मैं अपनी बाकी जिंदगी यहीं खुशी से बिताऊंगी। एवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें राजनीतिक आधार पर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। कपूरथला के अमानीपुर गांव निवासी सरबजीत के दो बेटे हैं।
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धर्म परिवर्तन के बाद नूर फातिमा नाम रखने वाली सरबजीत अब शेखूपुरा स्थित अपने पति नासिर हुसैन के घर पहुंच गई है। उनके वकील अहमद हसन पाशा के अनुसार, संबंधित अधिकारियों ने उन्हें घर जाने की अनुमति दे दी। प्रारंभ में वाघा सीमा के रास्ते भारत भेजने की तैयारी थी, लेकिन अंतिम समय में पाक अधिकारियों ने डिपोर्ट करने से इनकार कर दिया।
पाक मीडिया से बातचीत में सरबजीत ने कहा कि उनका और नासिर का आठ साल पुराना रिश्ता है। वे फेसबुक के माध्यम से मिले थे। उन्होंने कहा कि अगर मेरे मुंह में दांत न भी रहते, तब भी मैं पाकिस्तान आती। मैं अपनी बाकी जिंदगी यहीं खुशी से बिताऊंगी। एवेक्यू ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड की अधिसूचना के अनुसार विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्हें राजनीतिक आधार पर डिपोर्ट नहीं किया जा सकता। कपूरथला के अमानीपुर गांव निवासी सरबजीत के दो बेटे हैं।
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