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Amritsar News: बागी अकालियों ने गांव-गांव में शुरू की सुधार लहर, 11 सदस्यों का बनेगा मंडल
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पटियाला से अभियान किया शुरू, अमृतसर व चंडीगढ़ से गतिविधियों को करेंगे नियंत्रित
पंकज शर्मा
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के बागी नेताओं ने पटियाला से अकाली दल सुधार लहर शुरू कर दी है। इसके तहत पटियाला के सभी गांवों में कवर किया जाएगा। वहीं, चंडीगढ़ व अमृसर से सुधार लहर की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाएगा। जल्द ही 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल का भी ऐलान किया जाएगा। इस के तहत वरिष्ठ व टकसाली अकाली नेताओं की याद में सेमिनार करने की श्रृंखला शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से नाराज होकर घरों में बैठे टकसाली अकाली नेताओं को लहर से जोड़ा जाएगा।
अकाली दल बादल की लीडरशिप की ओर से पिछले समय के दौरान पंथक नीतियों के खिलाफ उठाए कदमों से यहां बागी अकाली रोष में है। वहीं, गांवों में पार्टी से जुड़े टकसाली नेता भी अकाली दल से दूर हो रहे है। यही कारण है कि अकाली दल बादल लगातार पांच चुनावों में हाशिया पर पहुंच गया है। अकाली दल का वोट बैंक टूट कर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ना शुरू हो गया है। अकाली दल का बहुत बड़ा हिस्सा इस बार भाजपा के पक्ष में भी गया है। यही कारण है कि चुनावों के दौरान बहुत सारे इलाकों और विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। पंजाब में सबसे अधिक व बड़े अकाली दल के गढ़ माने जाने वाले खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र में भाजपा दूसरे स्थान पर रही है।
उधर, अकाली दल सुधार लहर के नेता चरणजीत सिंह बराड़ बताते हैं कि टकसाली अकाली एक मंच पर एक जुट होने शुरू हो गए है। सुधार लहर के नेताओं ने गांव गांव जा कर पुराने अकालियों को जागृत करते हुए पार्टी बचाने के लिए आगे आने का आह्वान करना शुरू कर दिया है। शिरोमणि कमेटी के चुनावों में सुधार लहर की शक्ति सभी के सामने स्पष्ट होगी।
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पंकज शर्मा
अमृतसर। शिरोमणि अकाली दल के बागी नेताओं ने पटियाला से अकाली दल सुधार लहर शुरू कर दी है। इसके तहत पटियाला के सभी गांवों में कवर किया जाएगा। वहीं, चंडीगढ़ व अमृसर से सुधार लहर की गतिविधियों को नियंत्रित किया जाएगा। जल्द ही 11 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल का भी ऐलान किया जाएगा। इस के तहत वरिष्ठ व टकसाली अकाली नेताओं की याद में सेमिनार करने की श्रृंखला शुरू की जा रही है। इसके माध्यम से नाराज होकर घरों में बैठे टकसाली अकाली नेताओं को लहर से जोड़ा जाएगा।
अकाली दल बादल की लीडरशिप की ओर से पिछले समय के दौरान पंथक नीतियों के खिलाफ उठाए कदमों से यहां बागी अकाली रोष में है। वहीं, गांवों में पार्टी से जुड़े टकसाली नेता भी अकाली दल से दूर हो रहे है। यही कारण है कि अकाली दल बादल लगातार पांच चुनावों में हाशिया पर पहुंच गया है। अकाली दल का वोट बैंक टूट कर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के साथ जुड़ना शुरू हो गया है। अकाली दल का बहुत बड़ा हिस्सा इस बार भाजपा के पक्ष में भी गया है। यही कारण है कि चुनावों के दौरान बहुत सारे इलाकों और विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे। पंजाब में सबसे अधिक व बड़े अकाली दल के गढ़ माने जाने वाले खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र में भाजपा दूसरे स्थान पर रही है।
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उधर, अकाली दल सुधार लहर के नेता चरणजीत सिंह बराड़ बताते हैं कि टकसाली अकाली एक मंच पर एक जुट होने शुरू हो गए है। सुधार लहर के नेताओं ने गांव गांव जा कर पुराने अकालियों को जागृत करते हुए पार्टी बचाने के लिए आगे आने का आह्वान करना शुरू कर दिया है। शिरोमणि कमेटी के चुनावों में सुधार लहर की शक्ति सभी के सामने स्पष्ट होगी।
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