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भारत-पाक को विवाद मिलकर निपटाने होंगे: हिना
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Fri, 06 Dec 2013 10:30 PM IST
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पाकिस्तान की पूर्व विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार ने कहा कि भारत व पाकिस्तान को अपने सभी राजनीतिक मामले आपस में बैठ का हल करने चाहिए।
दोनों देशों की सरकार को विवादों को सुलझाने के लिए किसी भी तीसरे पक्ष से दूर रहकर मसले हल करने होंगे। हिना रब्बानी दिल्ली से अमृतसर पहुंचने पर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद मीडिया के साथ बातचीत कर रही थीं।
हिना ने कहा कि वे यहां सिर्फ माथा टेकने आई हैं। किसी भी तरह का वे राजनीतिक जवाब देने को नहीं आईं इसलिए उनसे राजनीति के विषय में प्रश्न न किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अमृतसर आए और दरबार साहिब में माथा टेकने के लिए न जाए तो उसकी यात्रा को सफल नहीं माना जा सकता। उन्हें यह जानकर अति खुशी हुई है कि हरमंदिर साहिब का नींव पत्थर एक मुसलिम फकीर मियां मीर ने रखा है। हिना रब्बानी के साथ उनके पति फिरोज खार ने भी माथा टेका।
एसजीपीसी के अधिकारियों की ओर से हिना और उनके परिवार के सदस्यों को हरमंदिर साहिब के सूचना केंद्र में सिरोपा देकर सम्मानित किया और सिख धर्म के साथ संबंधित पुस्तकें भेंट की।
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हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद वह वाघा सड़क सीमा के रास्ते पाकिस्तानी के लिए रवाना हो गई।
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दोनों देशों की सरकार को विवादों को सुलझाने के लिए किसी भी तीसरे पक्ष से दूर रहकर मसले हल करने होंगे। हिना रब्बानी दिल्ली से अमृतसर पहुंचने पर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद मीडिया के साथ बातचीत कर रही थीं।
हिना ने कहा कि वे यहां सिर्फ माथा टेकने आई हैं। किसी भी तरह का वे राजनीतिक जवाब देने को नहीं आईं इसलिए उनसे राजनीति के विषय में प्रश्न न किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अमृतसर आए और दरबार साहिब में माथा टेकने के लिए न जाए तो उसकी यात्रा को सफल नहीं माना जा सकता। उन्हें यह जानकर अति खुशी हुई है कि हरमंदिर साहिब का नींव पत्थर एक मुसलिम फकीर मियां मीर ने रखा है। हिना रब्बानी के साथ उनके पति फिरोज खार ने भी माथा टेका।
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एसजीपीसी के अधिकारियों की ओर से हिना और उनके परिवार के सदस्यों को हरमंदिर साहिब के सूचना केंद्र में सिरोपा देकर सम्मानित किया और सिख धर्म के साथ संबंधित पुस्तकें भेंट की।
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हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद वह वाघा सड़क सीमा के रास्ते पाकिस्तानी के लिए रवाना हो गई।