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परीक्षा केंद्र में हुई नकल के विरोध में अभिभावकों और परीक्षार्थियों ने की नारेबाजी
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बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की ओर से रविवार को अमृतसर में बीडीएस डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन किया गया। अमृतसर के जेठूवाल स्थित एक निजी कॉलेज में परीक्षा देने आए परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों ने रविवार को नकल के विरोध में नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि कॉलेज में उन परीक्षार्थियों को नकल करवाई गई, जिनकी सिफारिश थी। अभिभावकों ने कहा कि परीक्षा शुरू होने के करीब पौना घंटा बाद दो युवक पुस्तकें लेकर कॉलेज में चले गए और अपने साथियों को इन्हीं पुस्तकों से पूरा पेपर करवाया। कालेज में 48 परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे थे। बलविंदर कौर नामक महिला ने आरोप लगाया कि वह अपने बेटे को परीक्षा दिलाने के लिए केंद्र तक आई थी। इसके बाद वह बाहर परीक्षा खत्म होने का इंतजार करने लगी। तभी दो युवक अंदर जाने लगे तो उन्होंने उनसे पूछा कि कहां जा रहे हो, लेकिन वे जवाब दिए बिना ही अंदर चले गए। इससे स्पष्ट था कि वे नकल करवाने गए थे। उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने भी नहीं रोका। उन्होंने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी प्रशासन से इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इसी तरह लुधियाना से परीक्षा देने के लिए आई कंगना कपूर ने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई थी। उनके पर्स तक रखवा लिए गए। ऐसे में इन दो युवकों को अंदर क्यों जाने दिया गया? यह उन परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है, जिन्होंने दिन रात पढ़ाई की। इस तरह तो नकल करने वाले परीक्षार्थी उत्तीर्ण हो जाएंगे। उधर, कालेज प्रबंधन का कहना है कि अभिभावक परीक्षा केंद्र में घुसने की जिद कर रहे थे तो उन्हें रोका गया। नकल का कहीं कोई सवाल नहीं उठता, क्योंकि अंदर प्रशासनिक अधिकारी भी थे।
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इसी तरह लुधियाना से परीक्षा देने के लिए आई कंगना कपूर ने कहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले सभी परीक्षार्थियों की तलाशी ली गई थी। उनके पर्स तक रखवा लिए गए। ऐसे में इन दो युवकों को अंदर क्यों जाने दिया गया? यह उन परीक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ है, जिन्होंने दिन रात पढ़ाई की। इस तरह तो नकल करने वाले परीक्षार्थी उत्तीर्ण हो जाएंगे। उधर, कालेज प्रबंधन का कहना है कि अभिभावक परीक्षा केंद्र में घुसने की जिद कर रहे थे तो उन्हें रोका गया। नकल का कहीं कोई सवाल नहीं उठता, क्योंकि अंदर प्रशासनिक अधिकारी भी थे।
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