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कोरोना संक्रमित सब इंस्पेक्टर को बड़े निजी अस्पताल में नहीं मिला इलाज

Mon, 06 Jul 2020 07:27 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 07:27 PM IST
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Private hospital refuses to admit corona positive sub-inspector
कोरोना के फैलाव को रोकने के लिए अग्रिम पंक्ति में लड़ाई लड़ रही पंजाब पुलिस के संक्रमित सब इंस्पेक्टर को एक बड़े निजी अस्पताल ने दाखिल करने से इंकार कर दिया। पुलिस तंत्र ने पूरे दिन कड़ी मशक्कत की लेकिन निजी अस्पताल ने न तो सब इंस्पेक्टर को दाखिल किया और न ही दाखिल करने से इंकार किया। सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक पंजाब पुलिस में कोरोना के नोडल आफिसर और एसीपी सुशील कुमार निजी अस्पताल से संपर्क करने का प्रयास करते रहे लेकिन डॉक्टरों ने उनका फोन तक रिसीव नहीं किया। यहां तक कि व्हाट्सऐप संदेश का जवाब तक नहीं मिला।
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जानकारी के अनुसार, गुज्जरपुरा चौकी में कार्यरत सब इंस्पेक्टर को कोरोना संक्रमण हो गया। नोडल ऑफिसर सुशील कुमार को जानकारी मिली तो उन्होंने सब इंस्पेक्टर से संपर्क किया। सब इंस्पेक्टर ने कहा कि वह निजी अस्पताल में ही उपचार करवाना चाहता है, क्योंकि उसके पास मेडिक्लेम पॉलिसी है। सुशील के अनुसार, उन्होंने वेरका-बाइपास स्थित फोर्टिस अस्पताल के डॉक्टरों से संपर्क करने की कोशिश की लेकिन किसी डॉक्टर ने उनका फोन नहीं उठाया। इसके बाद व्हाट्सऐप संदेश भी भेजे, पर कोई उत्तर नहीं मिला। अस्पताल के डायरेक्टर को भी मैसेज भेजा गया, पर उन्होंने भी इसे अनदेखा कर दिया। इसके बाद उन्होंने पुलिस कमिश्नर को मामले की जानकारी दी।
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सुशील के अनुसार, बड़ा अफसोस हुआ कि पंजाब पुलिस के सबइंस्पेक्टर के साथ ऐसा सुलूक किया गया। अस्पताल पुलिस सब इंस्पेक्टर का इलाज फ्री में नहीं कर रही है। अस्पताल की यह जिम्मेदारी है कि वह मरीजों को उपचार दे। पंजाब पुलिस कोरोना काल में सेवा और समर्पण भाव से फील्ड में काम कर रही है। कोरोना पॉजिटिव सब इंस्पेक्टर भी कोरोना ड्यूटी में लगे रहे। फोर्टिस अस्पताल में एक एसएचओ भी उपचाराधीन हैं। उन्होंने उसके मोबाइल पर फोन कर डॉक्टर से बात करवाने को कहा। एसएचओ ने अपना फोन अस्पताल में कार्यरत नर्स को दिया। वह मोबाइल लेकर डॉक्टर वरुण के पास ले गई, लेकिन डॉक्टर वरुण ने कहा कि वह बाद में बात करेंगे। देर शाम तक उनका फोन नहीं आया। सुशील के अनुसार, इसके बाद उन्होंने देर शाम सब इंस्पेक्टर को मैरिटोरियस स्कूल में क्वारंटीन करवा दिया।
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ए सिम्टोमैटिक मरीज को घर में ही रखा जाए : डॉ. एचपी सिंह
फोर्टिस अस्पताल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. एचपी सिंह का कहना है कि अस्पताल में कोविड आईसीयू में बेड उपलब्ध नहीं हैं। इसलिए सब इंस्पेक्टर को भरती नहीं किया गया। वैसे अब सरकार की यह पॉलिसी है कि ए सिम्टोमैटिक मरीज को अस्पताल के बजाय घर में ही रखा जाए।
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