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बहिबल कलां के शहीदों के चित्र केंद्रीय सिख अजायब घर में सुशोभित
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अमृतसर। सचखंड श्री हरमंदिर साहिब श्री दरबार साहिब स्थित केंद्रीय सिख अजायब घर में सोमवार को 7 शख्सियतों की तस्वीरें सुशोभित की गई। इनमें बहिबल कलां के शहीद भाई कृष्ण भगवान सिंह और भाई गुरजीत सिंह सरावां, बंदी सिंहों की रिहाई में प्रयास करने वाले पूर्व एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार हरबंस सिंह घुम्मन, सचखंड श्री हरमंदिर साहिब की नक्काशी में योगदान देने वाले जीएस सोहन सिंह, संत प्रिथिपाल सिंह सयद, इंजीनियर डा. जसवंत सिंह गिल और ब्रिगेडियर प्रीतम सिंह शामिल हैं। इन शख्सियतों की तस्वीरों से पर्दा हटाने की रस्म एसजीपीसी प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त ग्रंथी सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह लुधियाना ने निभाई।
इस मौके मौके पर एडवोकेट धामी ने कहा कि जिन्होंने गुरमति के कदमों पर चलकर पंथक सेवा निभाई है, वे कौम के लिए सत्कार योग्य हैं। पंथक सम्मान के रूप में उनकी तस्वीरें केंद्रीय सिख अजायब घर में लगाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि बहिबल कलां में शहीद हुए भाई कृष्ण भगवान सिंह और भाई गुरजीत सिंह सरावां सिखी जज्बे की मिसाल हैं और इसी तरह जत्थेदार हरबंस सिंह घुम्मन, संत प्रिथिपाल सिंह सयद, इंजीनियर डा. जसवंत सिंह गिल और जीएस सोहन सिंह की अलग-अलग क्षेत्रों में दी गई सेवाएं अविस्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि यह शख्सियतें कौम के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिनके बाबत केंद्रीय सिख अजायब घर में आने वाली संगतों को जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सिखों की प्रतिनिधि संस्था एसजीपीसी पंथक सेवा करने वाले हर शख्स का दिल से सत्कार करती है और हमेशा करती रहेगी। इस मौके पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि केंद्रीय सिख अजायब घर सिख इतिहास का साधन है। एसजीपीसी पंथक सेवाएं देने वालों को याद करती है और इसके तहत ही एक्टिंग कमेटी के फैसले मुताबिक सोमवार को 7 शख्सियतों की तस्वीरें लगाई गई हैं। इस अवसर पर इन शख्सियतों के पारिवारिक सदस्यों को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
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इस मौके मौके पर एडवोकेट धामी ने कहा कि जिन्होंने गुरमति के कदमों पर चलकर पंथक सेवा निभाई है, वे कौम के लिए सत्कार योग्य हैं। पंथक सम्मान के रूप में उनकी तस्वीरें केंद्रीय सिख अजायब घर में लगाई जाती हैं। उन्होंने कहा कि बहिबल कलां में शहीद हुए भाई कृष्ण भगवान सिंह और भाई गुरजीत सिंह सरावां सिखी जज्बे की मिसाल हैं और इसी तरह जत्थेदार हरबंस सिंह घुम्मन, संत प्रिथिपाल सिंह सयद, इंजीनियर डा. जसवंत सिंह गिल और जीएस सोहन सिंह की अलग-अलग क्षेत्रों में दी गई सेवाएं अविस्मरणीय हैं। उन्होंने कहा कि यह शख्सियतें कौम के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जिनके बाबत केंद्रीय सिख अजायब घर में आने वाली संगतों को जानकारी मिल सकेगी। उन्होंने कहा कि सिखों की प्रतिनिधि संस्था एसजीपीसी पंथक सेवा करने वाले हर शख्स का दिल से सत्कार करती है और हमेशा करती रहेगी। इस मौके पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि केंद्रीय सिख अजायब घर सिख इतिहास का साधन है। एसजीपीसी पंथक सेवाएं देने वालों को याद करती है और इसके तहत ही एक्टिंग कमेटी के फैसले मुताबिक सोमवार को 7 शख्सियतों की तस्वीरें लगाई गई हैं। इस अवसर पर इन शख्सियतों के पारिवारिक सदस्यों को सिरोपा देकर सम्मानित किया गया।
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