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पुलिस और किसानों में हाथापाई
अमर उजाला, अमृतसर
Updated Mon, 28 Oct 2013 10:15 PM IST
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अमृतसर में सिविल और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी से किसानों का रेल रोको आंदोलन विफल हो गया। मंडियों में धान की खरीद न होने, आंधी से फसल को हुए नुकसान के बदले में किसानों को 30 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा और मजदूरों के परिवारों को दस हजार रुपये मुआवजा देने की मांग पर किसानों ने सोमवार को रेल रोकने की चेतावनी दी थी।
पुलिस ने किसानों के आंदोलन को विफल करने के लिए बीती रात से ही छापामारी शुरू कर दी थी। सोमवार सुबह 15 किसान मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं को धर्म सिंह मार्केट पर ही रोक दिया।
इस दौरान किसान पुलिस की कार्रवाई से भड़क उठे। किसानों ने पुलिस के साथ हाथापाई की और सड़क पर ही बैठ गए। उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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धरना स्थल पर एडीसीपी हरजीत सिंह बराड़, एसीपी हरजीत सिंह, थाना कोतवाली के प्रभारी सुरिंदर शर्मा के अलावा महिला पुलिस व अश्रु गैस दस्ते को बुला लिया गया।
किसान नेता सतनाम अजनाला, सतनाम सिंह पन्नू, रघुबीर सिंह, सुखराज सिंह छीना आदि ने बताया कि केंद्र और पंजाब सरकारें किसानों को शैलर मालिकों के हाथों लुटवा रही हैं। पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के आंदोलन को विफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। बावजूद इसके भारी संख्या में किसान अमृतसर पहुंए गए।
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पुलिस ने किसानों के आंदोलन को विफल करने के लिए बीती रात से ही छापामारी शुरू कर दी थी। सोमवार सुबह 15 किसान मजदूर संगठनों के कार्यकर्ताओं को धर्म सिंह मार्केट पर ही रोक दिया।
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इस दौरान किसान पुलिस की कार्रवाई से भड़क उठे। किसानों ने पुलिस के साथ हाथापाई की और सड़क पर ही बैठ गए। उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
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धरना स्थल पर एडीसीपी हरजीत सिंह बराड़, एसीपी हरजीत सिंह, थाना कोतवाली के प्रभारी सुरिंदर शर्मा के अलावा महिला पुलिस व अश्रु गैस दस्ते को बुला लिया गया।
किसान नेता सतनाम अजनाला, सतनाम सिंह पन्नू, रघुबीर सिंह, सुखराज सिंह छीना आदि ने बताया कि केंद्र और पंजाब सरकारें किसानों को शैलर मालिकों के हाथों लुटवा रही हैं। पन्नू ने कहा कि पंजाब सरकार ने किसानों के आंदोलन को विफल बनाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा दिया था। बावजूद इसके भारी संख्या में किसान अमृतसर पहुंए गए।