{"_id":"66b8ea879be1a6ab8e0dc8f5","slug":"olympic-champion-hockey-team-welcomed-at-the-airport-amritsar-news-c-59-1-asr1001-107442-2024-08-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amritsar News: एयरपोर्ट पर ओलंपिक विजेता हॉकी टीम का फूलों की वर्षा से स्वागत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amritsar News: एयरपोर्ट पर ओलंपिक विजेता हॉकी टीम का फूलों की वर्षा से स्वागत
विज्ञापन
पंजाब सरकार सभी हॉकी खिलाड़ियों को देगी एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि
हमारे खिलाड़ियों ने पंजाब से ड्रग्स का कलंक मिटाया
हमें हॉकी खिलाड़ियों पर सदैव गर्व रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर पंजाब लौटे भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों का पंजाब की ओर से श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूलों की वर्षा से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद रहे। खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के पारिवारिक सदस्य भी जहां एक ओर खुश नजर आए, वहीं उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी थे। मंत्री धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आपकी विजेता टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है। पंजाब सरकार ग्रामीण स्तर पर खेलों को विकसित करने के लिए प्रयास कर रही है और आने वाला समय हमारे खिलाड़ियों और खेलों के लिए बहुत आरामदायक माहौल प्रदान करेगा, जिससे पंजाब में बड़े खिलाड़ी तैयार होंगे।
वहीं लोकसभा सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हमें अपने हॉकी खिलाड़ियों पर हमेशा गर्व रहेगा, जिन्होंने लंबे समय के बाद देश के लिए पदक जीते और हॉकी में हमारे देश का नाम रोशन किया।
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि हमारे खिलाड़ियों ने अपने खेल से पंजाब पर लगे नशे के कलंक को मिटा दिया है। पंजाब ने हमेशा खेलों में देश का नेतृत्व किया है और यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जब हमारे पंजाब के खिलाड़ी ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो हमारा सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के प्रयासों से भविष्य में पंजाब को खेलों की नर्सरी के रूप में जाना जाएगा।
विज्ञापन
रविवार सुबह अमृतसर हवाई अड्डे पर ओलंपिक खिलाड़ियों में मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, गुरजंट सिंह, शमशेर सिंह, मनदीप सिंह, जर्मन प्रीत सिंह, सुखजीत सिंह और जुगराज सिंह पहुंचे।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने किया खिलाड़ियों को सम्मानित
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी रविवार सुबह श्री हरिमंदर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हॉकी खिलाड़ियों को श्री हरिमंदिर साहिब का स्वर्ण मॉडल, धार्मिक पुस्तकें और सिरोपा देकर सम्मानित किया। धामी ने कहा कि यह हमारे लिए सम्मान और गर्व की बात है कि जब भी भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के खिलाड़ियों की पूरी भागीदारी हुई है, टीम ने शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतना भी उनमें से एक है। उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रार्थना की।
अगली बार स्वर्ण पदक लेकर आएगी भारतीय टीम : हरमनप्रीत
हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि वह आज टीम के खिलाड़ियों के साथ श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम को यह उपलब्धि गुरु साहिब के आशीर्वाद से ही मिल पाई है और उन्होंने भविष्य में टीम के बेहतर प्रदर्शन की प्रार्थना की। उन्होंने शिरोमणि कमेटी द्वारा मिले मान-सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सारी टीम में एक जुटता से विरोटी टीमों को कड़ी टक्कर दी है। हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक था, लेकिन हमें कांस्य पदक मिला है। भविष्य में और अधिक मेहनत की जाएगी। इस बार हुई कई गलतियों को भविष्य में सुधार जाएगा और स्वर्ण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
जालंधर में ढोल की थाप पर झूमे
जालंधर। अमृतसर के बाद जालंधर पहुंचे ओलंपिक विजेता हॉकी खिलाड़ियों में उपकप्तान हार्दिक सिंह खुसरोपुर, मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह मीठापुर व सुखजीत सिंह धन्नोवाली का शहरवासियों ने फूल मालाएं पहना व ढोल की थाप से स्वागत किया। इस दौरान हॉकी ओलंपियनों का स्वागत करने वालों में हार्दिक सिंह के पिता वरिंदरप्रीत सिंह लवली, मां कमलजीत कौर राय, मनप्रीत के भाई, मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह व सुखजीत सिंह के माता-पिता व हजारों की संख्या में लोग शामिल थे। हॉकी खिलाड़ियों के माता-पिता की आंखों से छलकने वाले खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे।
अगली बार स्वर्ण पदक लाएंगे
उपकप्तान हार्दिक सिंह ने कहा कि हमें जालंधर में मिले सम्मान को देखकर काफी अच्छा लग रहा है। हमें मान है कि हम देश के लिए हम कांस्य पदक जीतने में सफल रहे हैं। हालांकि हमारा टारगेट था कि हम गोल्ड जीतें, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए।
वहीं मनप्रीत सिंह ने कहा कि हमें विश्वास था कि हम स्वर्ण पदक जरूर जीतेंगे। खेल है, किसी की भी जीत हार हो सकती है। इस हार से हमने जो सीखा है, उसके बाद हम आगे कोशिश करेंगे कि देश के लिए स्वर्ण पदक जरूर जीत कर आएं। सुखतीज सिंह ने कहा कि हमारी टीम ने काफी हार्ड वर्क किया था। सारी टीम की मेहनत से ही हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। मेरे पिता जी का सपना था कि मैं ओलंपिक में जाऊं व मेडल जीतकर आऊं। आज इस मेडल को जीतने के बाद उनके घर व आसपास काफी खुशी का माहौल है। यह पल वाकई भावुक करने वाला है।
हॉकी खिलाड़ियों के माता-पिता की आंखें
अपने जिगर के टुकड़ों के जालंधर पहुंचने पर हार्दिक सिंह के पिता वरिंदरप्रीत सिंह की आंखें नम दिखाई दे रही थीं। उन्होंने कहा कि यह खुशी के आंसू हैं, जो अपने इन सभी बच्चों की कामयाबी के लिए आंखों से छलक गए हैं। मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं मनदीप का पिता हूं। मनदीप सिंह व उसके साथियों ने उनका व हर उस माता पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है जो कि देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते हैं। हमें हॉकी टीम के हर खिलाड़ी पर नाज है।
विज्ञापन
हमारे खिलाड़ियों ने पंजाब से ड्रग्स का कलंक मिटाया
हमें हॉकी खिलाड़ियों पर सदैव गर्व रहेगा
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर पंजाब लौटे भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों का पंजाब की ओर से श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फूलों की वर्षा से भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान कैबिनेट मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और हरभजन सिंह ईटीओ भी मौजूद रहे। खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। खिलाड़ियों के पारिवारिक सदस्य भी जहां एक ओर खुश नजर आए, वहीं उनकी आंखों में खुशी के आंसू भी थे। मंत्री धालीवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आपकी विजेता टीम के प्रत्येक खिलाड़ी को एक करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि देने की घोषणा की है। पंजाब सरकार ग्रामीण स्तर पर खेलों को विकसित करने के लिए प्रयास कर रही है और आने वाला समय हमारे खिलाड़ियों और खेलों के लिए बहुत आरामदायक माहौल प्रदान करेगा, जिससे पंजाब में बड़े खिलाड़ी तैयार होंगे।
वहीं लोकसभा सदस्य गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि हमें अपने हॉकी खिलाड़ियों पर हमेशा गर्व रहेगा, जिन्होंने लंबे समय के बाद देश के लिए पदक जीते और हॉकी में हमारे देश का नाम रोशन किया।
विज्ञापन
कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि हमारे खिलाड़ियों ने अपने खेल से पंजाब पर लगे नशे के कलंक को मिटा दिया है। पंजाब ने हमेशा खेलों में देश का नेतृत्व किया है और यह परंपरा भविष्य में भी जारी रहेगी, जिसके लिए पंजाब सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। जब हमारे पंजाब के खिलाड़ी ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं तो हमारा सिर गर्व से ऊंचा हो गया है। उन्होंने कहा कि भगवंत सिंह मान के प्रयासों से भविष्य में पंजाब को खेलों की नर्सरी के रूप में जाना जाएगा।
विज्ञापन
रविवार सुबह अमृतसर हवाई अड्डे पर ओलंपिक खिलाड़ियों में मनप्रीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, गुरजंट सिंह, शमशेर सिंह, मनदीप सिंह, जर्मन प्रीत सिंह, सुखजीत सिंह और जुगराज सिंह पहुंचे।
एसजीपीसी अध्यक्ष ने किया खिलाड़ियों को सम्मानित
भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ी रविवार सुबह श्री हरिमंदर साहिब में माथा टेकने पहुंचे। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने हॉकी खिलाड़ियों को श्री हरिमंदिर साहिब का स्वर्ण मॉडल, धार्मिक पुस्तकें और सिरोपा देकर सम्मानित किया। धामी ने कहा कि यह हमारे लिए सम्मान और गर्व की बात है कि जब भी भारतीय हॉकी टीम में पंजाब के खिलाड़ियों की पूरी भागीदारी हुई है, टीम ने शानदार उपलब्धियां हासिल की हैं। पेरिस ओलंपिक में कांस्य पदक जीतना भी उनमें से एक है। उन्होंने हॉकी खिलाड़ियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी और भविष्य में और बड़ी उपलब्धियों के लिए प्रार्थना की।
अगली बार स्वर्ण पदक लेकर आएगी भारतीय टीम : हरमनप्रीत
हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा कि वह आज टीम के खिलाड़ियों के साथ श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होकर धन्य महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि टीम को यह उपलब्धि गुरु साहिब के आशीर्वाद से ही मिल पाई है और उन्होंने भविष्य में टीम के बेहतर प्रदर्शन की प्रार्थना की। उन्होंने शिरोमणि कमेटी द्वारा मिले मान-सम्मान के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सारी टीम में एक जुटता से विरोटी टीमों को कड़ी टक्कर दी है। हमारा लक्ष्य स्वर्ण पदक था, लेकिन हमें कांस्य पदक मिला है। भविष्य में और अधिक मेहनत की जाएगी। इस बार हुई कई गलतियों को भविष्य में सुधार जाएगा और स्वर्ण का लक्ष्य हासिल किया जाएगा।
जालंधर में ढोल की थाप पर झूमे
जालंधर। अमृतसर के बाद जालंधर पहुंचे ओलंपिक विजेता हॉकी खिलाड़ियों में उपकप्तान हार्दिक सिंह खुसरोपुर, मनप्रीत सिंह, मनदीप सिंह मीठापुर व सुखजीत सिंह धन्नोवाली का शहरवासियों ने फूल मालाएं पहना व ढोल की थाप से स्वागत किया। इस दौरान हॉकी ओलंपियनों का स्वागत करने वालों में हार्दिक सिंह के पिता वरिंदरप्रीत सिंह लवली, मां कमलजीत कौर राय, मनप्रीत के भाई, मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह व सुखजीत सिंह के माता-पिता व हजारों की संख्या में लोग शामिल थे। हॉकी खिलाड़ियों के माता-पिता की आंखों से छलकने वाले खुशी के आंसू साफ देखे जा सकते थे।
अगली बार स्वर्ण पदक लाएंगे
उपकप्तान हार्दिक सिंह ने कहा कि हमें जालंधर में मिले सम्मान को देखकर काफी अच्छा लग रहा है। हमें मान है कि हम देश के लिए हम कांस्य पदक जीतने में सफल रहे हैं। हालांकि हमारा टारगेट था कि हम गोल्ड जीतें, लेकिन हम सेमीफाइनल में हार गए।
वहीं मनप्रीत सिंह ने कहा कि हमें विश्वास था कि हम स्वर्ण पदक जरूर जीतेंगे। खेल है, किसी की भी जीत हार हो सकती है। इस हार से हमने जो सीखा है, उसके बाद हम आगे कोशिश करेंगे कि देश के लिए स्वर्ण पदक जरूर जीत कर आएं। सुखतीज सिंह ने कहा कि हमारी टीम ने काफी हार्ड वर्क किया था। सारी टीम की मेहनत से ही हम इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। मेरे पिता जी का सपना था कि मैं ओलंपिक में जाऊं व मेडल जीतकर आऊं। आज इस मेडल को जीतने के बाद उनके घर व आसपास काफी खुशी का माहौल है। यह पल वाकई भावुक करने वाला है।
हॉकी खिलाड़ियों के माता-पिता की आंखें
अपने जिगर के टुकड़ों के जालंधर पहुंचने पर हार्दिक सिंह के पिता वरिंदरप्रीत सिंह की आंखें नम दिखाई दे रही थीं। उन्होंने कहा कि यह खुशी के आंसू हैं, जो अपने इन सभी बच्चों की कामयाबी के लिए आंखों से छलक गए हैं। मनदीप सिंह के पिता रविंदर सिंह ने कहा कि मुझे गर्व है कि मैं मनदीप का पिता हूं। मनदीप सिंह व उसके साथियों ने उनका व हर उस माता पिता का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है जो कि देश के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा रखते हैं। हमें हॉकी टीम के हर खिलाड़ी पर नाज है।