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जंग के नाम पर राजनीति न करे सरकार: छोटेपुर
ब्यूरो, अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sun, 02 Oct 2016 09:41 PM IST
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गुरदासपुर में सीमावर्ती लोगों से मिलते सुच्चा सिंह छोटेपुर।
- फोटो : amarujala
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देश की सीमा पर बैठे किसान और मजदूर भाईचारा अपने घरों को खाली नहीं छोड़ रहे हैं। सरकार इन लोगों को घर छोड़ने के लिए विवश कर रही है।
प्रदेश सरकार को जंग के नाम पर राजनीति नहीं खेलनी चाहिए, बल्कि सीमा पर बीएसएफ और सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले किसानों की धान फसल को सरकार तुरंत खरीद कर 24 घंटो में अदायगी को यकीनी बनाना चाहिए। यह बातें अपना पंजाब पार्टी के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर ने रविवार को कहीं।
छोटेपुर सीमावर्ती गांव रोसा, पकीवां, बरीला, लोपा, बलीम, चंदू वडाला आदि दर्जनों गांवों में किसानों और लोगों के साथ संपर्क करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।
छोटेपुर ने कहा कि सीमा के साथ लगते बहादुर लोगों ने 1965 और 1971 की जंग के दौरान भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मनों के दांत खट्टे किए थे। अब भी सीमा के जांबाज लोग देश विरोधी ताकतो का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। अकाली भाजपा सरकार पंजाब के लोगों के साथ ढोंग कर रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती गांवों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं देने की बजाए घर से बेघर करने के लिए परेशान किया जा रहा है। छोटेपुर ने कहा कि सीमावर्ती लोगों ने उन्हें बताया कि वह अपने घरों को किसी भी कीमत पर नही छोड़ेंगे, मगर सरकार के आदेशों पर प्रशासन उन पर दबाव बना रहा है।
इस समय उनके बच्चचों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मजदूर और किसान बेकार ही बैठे हैं। सरकार सुविधाएं देने की बजाए झूठी हमदर्दी जता रही है। छोटेपुर ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को भरोसा दिलाया कि अपना पंजाब पार्टी सीमावर्ती लोगों के साथ खड़ी है। इस मौके पर अमनदीप सिंह गिल, लखबीर सिंह,अमरीक सिंह, रजिंदर सिंहभंगू, इंद्र सिंह, थानेदार हरदेव सिंह, हरमनजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह भटटी, गुलाब सिंह, महिंदर सिंह, गुरनाम सिंह मौजूद थे।
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प्रदेश सरकार को जंग के नाम पर राजनीति नहीं खेलनी चाहिए, बल्कि सीमा पर बीएसएफ और सेना के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने वाले किसानों की धान फसल को सरकार तुरंत खरीद कर 24 घंटो में अदायगी को यकीनी बनाना चाहिए। यह बातें अपना पंजाब पार्टी के संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर ने रविवार को कहीं।
छोटेपुर सीमावर्ती गांव रोसा, पकीवां, बरीला, लोपा, बलीम, चंदू वडाला आदि दर्जनों गांवों में किसानों और लोगों के साथ संपर्क करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत कर रहे थे।
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छोटेपुर ने कहा कि सीमा के साथ लगते बहादुर लोगों ने 1965 और 1971 की जंग के दौरान भारतीय सेना के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दुश्मनों के दांत खट्टे किए थे। अब भी सीमा के जांबाज लोग देश विरोधी ताकतो का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है। अकाली भाजपा सरकार पंजाब के लोगों के साथ ढोंग कर रहा है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती गांवों के लोगों को बुनियादी सुविधाएं देने की बजाए घर से बेघर करने के लिए परेशान किया जा रहा है। छोटेपुर ने कहा कि सीमावर्ती लोगों ने उन्हें बताया कि वह अपने घरों को किसी भी कीमत पर नही छोड़ेंगे, मगर सरकार के आदेशों पर प्रशासन उन पर दबाव बना रहा है।
इस समय उनके बच्चचों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। मजदूर और किसान बेकार ही बैठे हैं। सरकार सुविधाएं देने की बजाए झूठी हमदर्दी जता रही है। छोटेपुर ने सीमावर्ती गांवों के लोगों को भरोसा दिलाया कि अपना पंजाब पार्टी सीमावर्ती लोगों के साथ खड़ी है। इस मौके पर अमनदीप सिंह गिल, लखबीर सिंह,अमरीक सिंह, रजिंदर सिंहभंगू, इंद्र सिंह, थानेदार हरदेव सिंह, हरमनजीत सिंह, बिक्रमजीत सिंह भटटी, गुलाब सिंह, महिंदर सिंह, गुरनाम सिंह मौजूद थे।