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करंसी की मुश्किल के कारण पांच सौ श्रद्धालु पाक से लौटे
ब्यूरो,अमर उजाला/अमृतसर
Updated Sun, 13 Nov 2016 03:38 PM IST
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गुरु नानक देव जी के जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना साहिब (पाकिस्तान ) रवाना होता जत्था।
- फोटो : अमर उजाला
प्रथम पातशाही श्री गुरुनानक देव का प्रकाशोत्सव (14 नवंबर) मनाने उनके जन्म स्थान गुरुद्वारा ननकाना साहिब (पाकिस्तान ) के लिए 1249 सिख श्रद्धालुओं का जत्था शनिवार को रवाना हुआ।
उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने रवाना किया गया। हालांकि भारतीय करंसी से जुड़ी मुश्किलों के कारण पांच सौ श्रद्धालु वापस लौट आए। जत्था मगविंदर सिंह खापड़खेड़ी और सवर्ण सिंह कुलार के नेतृत्व में रवाना हुआ।
इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष प्रो.कृपाल सिंह बडूंगर ने बताया कि इस बार शिरोमणि कमेटी की ओर से गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव मनाने के लिए पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के कुल 1355 यात्रियों की सूची केंद्र व पाकिस्तानी दूतावास को वीजे जारी करने के लिए भेजी गई थी, जिसमें से 106 यात्रियों के नाम केंद्र सरकार और पाकिस्तानी दूतावास की ओर से बिना कारण बताए काट दिए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के नाम काटने की बजाय भारत सरकार और पाकिस्तानी दूतावास को सिस्टम ठीक करने की जरूरत है।
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उन्होंने बताया कि जत्था विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करके 21 नवंबर को वतन वापस लौटेगा। इस अवसर पर भाई राम सिंह, गुरचरण सिंह ग्रेवाल, गुरमेल सिंह संगतपुरा सहित समूह कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
उधर, शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए जत्थे में से पांच श्रद्धालु करंसी की मुश्किल के चलते वापस लौट गए। पत्रकारों से बातचीत दौर श्रद्धालुओं बलजीत कौर, हरतेज सिंह, जालंधर निवासी जागीर सिंह ने बताया कि वे बड़े चाव से जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक आई करंसी की समस्या के चलते पैसे न होने की सूरत में वे वापस लौट रहे हैं। उनके अनुसार शिरोमणि कमेटी की ओर से उन्हें करंसी बदलकर देने का पूरा भरोसा दिया गया था, लेकिन ऐसा न होने के चलते वे वापस लौटने को मजबूर हैं।
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उन्हें शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने रवाना किया गया। हालांकि भारतीय करंसी से जुड़ी मुश्किलों के कारण पांच सौ श्रद्धालु वापस लौट आए। जत्था मगविंदर सिंह खापड़खेड़ी और सवर्ण सिंह कुलार के नेतृत्व में रवाना हुआ।
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इस अवसर पर शिरोमणि कमेटी अध्यक्ष प्रो.कृपाल सिंह बडूंगर ने बताया कि इस बार शिरोमणि कमेटी की ओर से गुरु नानक देव का प्रकाशोत्सव मनाने के लिए पाकिस्तान जाने वाले जत्थे के कुल 1355 यात्रियों की सूची केंद्र व पाकिस्तानी दूतावास को वीजे जारी करने के लिए भेजी गई थी, जिसमें से 106 यात्रियों के नाम केंद्र सरकार और पाकिस्तानी दूतावास की ओर से बिना कारण बताए काट दिए गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के नाम काटने की बजाय भारत सरकार और पाकिस्तानी दूतावास को सिस्टम ठीक करने की जरूरत है।
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उन्होंने बताया कि जत्था विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करके 21 नवंबर को वतन वापस लौटेगा। इस अवसर पर भाई राम सिंह, गुरचरण सिंह ग्रेवाल, गुरमेल सिंह संगतपुरा सहित समूह कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित थे।
उधर, शिरोमणि कमेटी की ओर से भेजे गए जत्थे में से पांच श्रद्धालु करंसी की मुश्किल के चलते वापस लौट गए। पत्रकारों से बातचीत दौर श्रद्धालुओं बलजीत कौर, हरतेज सिंह, जालंधर निवासी जागीर सिंह ने बताया कि वे बड़े चाव से जाने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन अचानक आई करंसी की समस्या के चलते पैसे न होने की सूरत में वे वापस लौट रहे हैं। उनके अनुसार शिरोमणि कमेटी की ओर से उन्हें करंसी बदलकर देने का पूरा भरोसा दिया गया था, लेकिन ऐसा न होने के चलते वे वापस लौटने को मजबूर हैं।