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बिना डिग्री का डॉक्टर गिरफ्तार, क्लीनिक सील
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बिना डिग्री का डॉक्टर गिरफ्तार, क्लीनिक सील
डिलीवरी के दौरान मौत होने पर मृतका के पति ने डीसी से की थी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। गांव भलाईपुर निवासी प्रदीप सिंह की गर्भवती पत्नी गुरप्रीत कौर की डिलीवरी दौरान मौत के बाद सेहत विभाग की नींद से जागा है। मृतका के पति की शिकायत पर सेहत विभाग ने उक्त क्लीनिक पर छापा मारा। छापामारी के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
मामले में प्रदीप सिंह निवासी भलाईपुर ने डिप्टी कमिश्नर को शिकायत की कि उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर की मौत तीन जनवरी को गांव नागोके में डॉ. हरजिंदर सिंह पुत्र जग्गा सिंह के क्लीनिक पर डिलीवरी के दौरान हुई थी। डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने सिविल सर्जन डॉ. शमशेर सिंह को मामले की जांच सौंपी और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। सिविल सर्जन डॉ. शमशेर सिंह ने मीयांविंड के एसएमओ डॉ. वीमल वीर की अगुवाई में टीम का गठन किया। इस टीम ने क्लीनिक पर छापा मारा। क्लीनिक के बाहर प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर के बोर्ड पर डॉ. हरजिंदर सिंह के अलावा डॉ. परमजीत कौर (सीएमएस व ईडी) लिखा हुआ था।
जांच में क्लीनिक में मौजूद हरजिंदर सिंह किसी भी तरह का सर्टिफिकेट पेश नहीं कर पाया। हरजिंदर सिंह ने सेहत विभाग की टीम को बयान दर्ज करवाते हुए दावा किया कि गर्भवती गुरप्रीत कौर की डिलीवरी 3 जनवरी को सुबह 6 बजे की गई। डिलीवरी के बाद हालत गंभीर देख उसे सिविल अस्पताल तरनतारन दाखिल करवाने लिए परिवार सेअनुरोध किया गया। परिवारने समय पर गुरप्रीत कौर को दाखिल नहीं करवाया , जिसके कारण उसकी मौत हो गई है। मृतका के रिश्तेदार रविशेर सिंह के बयान दर्ज कर सेहत विभाग की टीम ने क्लीनिक की जांच की तो वहां से आपत्तिजनक दवाइयां बरामद हुईं। मौके पर डॉ. हरजिंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी दर्शन सिंह मान ने बताया कि आरोपित के खिलाफ थाना वैरोंवाल में मामला दर्ज कर लिया गया।
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डिलीवरी के दौरान मौत होने पर मृतका के पति ने डीसी से की थी शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन। गांव भलाईपुर निवासी प्रदीप सिंह की गर्भवती पत्नी गुरप्रीत कौर की डिलीवरी दौरान मौत के बाद सेहत विभाग की नींद से जागा है। मृतका के पति की शिकायत पर सेहत विभाग ने उक्त क्लीनिक पर छापा मारा। छापामारी के दौरान बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ।
मामले में प्रदीप सिंह निवासी भलाईपुर ने डिप्टी कमिश्नर को शिकायत की कि उसकी पत्नी गुरप्रीत कौर की मौत तीन जनवरी को गांव नागोके में डॉ. हरजिंदर सिंह पुत्र जग्गा सिंह के क्लीनिक पर डिलीवरी के दौरान हुई थी। डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने सिविल सर्जन डॉ. शमशेर सिंह को मामले की जांच सौंपी और कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए। सिविल सर्जन डॉ. शमशेर सिंह ने मीयांविंड के एसएमओ डॉ. वीमल वीर की अगुवाई में टीम का गठन किया। इस टीम ने क्लीनिक पर छापा मारा। क्लीनिक के बाहर प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर के बोर्ड पर डॉ. हरजिंदर सिंह के अलावा डॉ. परमजीत कौर (सीएमएस व ईडी) लिखा हुआ था।
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जांच में क्लीनिक में मौजूद हरजिंदर सिंह किसी भी तरह का सर्टिफिकेट पेश नहीं कर पाया। हरजिंदर सिंह ने सेहत विभाग की टीम को बयान दर्ज करवाते हुए दावा किया कि गर्भवती गुरप्रीत कौर की डिलीवरी 3 जनवरी को सुबह 6 बजे की गई। डिलीवरी के बाद हालत गंभीर देख उसे सिविल अस्पताल तरनतारन दाखिल करवाने लिए परिवार सेअनुरोध किया गया। परिवारने समय पर गुरप्रीत कौर को दाखिल नहीं करवाया , जिसके कारण उसकी मौत हो गई है। मृतका के रिश्तेदार रविशेर सिंह के बयान दर्ज कर सेहत विभाग की टीम ने क्लीनिक की जांच की तो वहां से आपत्तिजनक दवाइयां बरामद हुईं। मौके पर डॉ. हरजिंदर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी दर्शन सिंह मान ने बताया कि आरोपित के खिलाफ थाना वैरोंवाल में मामला दर्ज कर लिया गया।
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