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श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक हुए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी
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पंजाब के नव नियुक्त मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी बुधवार की सुबह श्री हरमंदिर साहिब में नतमस्तक होने पहुंचे। नतमस्तक होने के बाद उन्होंने कहा कि अब पंजाब में राजनीति धर्म के मुताबिक बिना किसी वर्ग के भेदभाव की होगी। हर धर्म का सत्कार होगा और धर्म की जयकार होगी। हरमंदिर साहिब में सीएम के साथ कांग्रेस के पंजाब प्रदेश प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू, दोनों डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी के साथ मेयर कर्मजीत सिंह रिंटू, इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन दिनेश बस्सी भी थे।
मुख्यमंत्री मध्यरात्रि करीब 12 बजे पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की रिहायश पर पहुंच गए थे। उन्होंने सुबह 3.45 बजे श्री हरमंदिर साहिब पहुंचना था, पर वह यहां करीब 4.30 बजे पहुंचे। पंजाब के दोनों डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी सुबह 3.45 बजे से पहले ही श्री हरमंदिर साहिब पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री सुबह आने के बाद सीधे श्री हरमंदिर साहिब के भीतर गए। जहां उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य कांग्रेसी पदाधिकारियों के साथ परिक्रमा की। उसके बाद चन्नी ने पालकी साहिब की सेवा करते हुए वाहेगुरु का शुक्राणा किया और अरदास की। चन्नी ने करीब पौना घंटा श्री हरमंदिर साहिब के अंदर बिताया और बाहर आने के बाद उन्होंने पंजाबियों के नाम संदेश दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में वह धर्म के नीचे रह कर काम करेंगे। बेअदबी के मुद्दे पर उन्होंने इंसाफ दिए जाने की बात कही। वह श्री हरमंदिर साहिब के अंदर करीब पौना घंटा रहे। उन्होंने यहां श्री पालकी साहिब की सेवा की और अरदास सुनी। इसके बाद मुख्यमंत्री जलियांवाला बाग गए और शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट किए। इसके बाद वे श्री राम तीर्थ मंदिर में माथा टेकने के लिए रवाना हो गए।
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सीएम का कंधा थपथपाते रहे सिद्धू
पीपीसीसी के प्रधान नवनजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अपना छोटा भाई बताया और कहा कि सीएम के साथ अभी उन्होंने दो दिन बिताएं हैं। उन्हें पिछले 17 वर्ष की राजनीति में ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ। सिद्धू ने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों को पूरा सम्मान दिया जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान सिद्धू ने सीएम के कंधे पर लगातार हाथ रखा और कंधा थपथपाते रहे। श्री वाल्मीकि तीर्थ में माथा टेकने के बाद उन्होंने संतों के साथ बातचीत भी की। अमृतसर दौरे के बीच वे श्री दुर्ग्याणा मंदिर में माथा टेकने पहुंचे, वहां भगवान नारायण की पूजा अर्चना की। दुर्ग्याणा कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।
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मुख्यमंत्री मध्यरात्रि करीब 12 बजे पीपीसीसी के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की रिहायश पर पहुंच गए थे। उन्होंने सुबह 3.45 बजे श्री हरमंदिर साहिब पहुंचना था, पर वह यहां करीब 4.30 बजे पहुंचे। पंजाब के दोनों डिप्टी सीएम सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी सुबह 3.45 बजे से पहले ही श्री हरमंदिर साहिब पहुंच गए थे। मुख्यमंत्री सुबह आने के बाद सीधे श्री हरमंदिर साहिब के भीतर गए। जहां उन्होंने नवजोत सिंह सिद्धू और अन्य कांग्रेसी पदाधिकारियों के साथ परिक्रमा की। उसके बाद चन्नी ने पालकी साहिब की सेवा करते हुए वाहेगुरु का शुक्राणा किया और अरदास की। चन्नी ने करीब पौना घंटा श्री हरमंदिर साहिब के अंदर बिताया और बाहर आने के बाद उन्होंने पंजाबियों के नाम संदेश दिया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में वह धर्म के नीचे रह कर काम करेंगे। बेअदबी के मुद्दे पर उन्होंने इंसाफ दिए जाने की बात कही। वह श्री हरमंदिर साहिब के अंदर करीब पौना घंटा रहे। उन्होंने यहां श्री पालकी साहिब की सेवा की और अरदास सुनी। इसके बाद मुख्यमंत्री जलियांवाला बाग गए और शहीदों को श्रद्धासुमन भेंट किए। इसके बाद वे श्री राम तीर्थ मंदिर में माथा टेकने के लिए रवाना हो गए।
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सीएम का कंधा थपथपाते रहे सिद्धू
पीपीसीसी के प्रधान नवनजोत सिंह सिद्धू ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को अपना छोटा भाई बताया और कहा कि सीएम के साथ अभी उन्होंने दो दिन बिताएं हैं। उन्हें पिछले 17 वर्ष की राजनीति में ऐसा अनुभव कभी नहीं हुआ। सिद्धू ने कहा कि प्रदेश में सभी धर्मों को पूरा सम्मान दिया जाएगा। मीडिया से बातचीत के दौरान सिद्धू ने सीएम के कंधे पर लगातार हाथ रखा और कंधा थपथपाते रहे। श्री वाल्मीकि तीर्थ में माथा टेकने के बाद उन्होंने संतों के साथ बातचीत भी की। अमृतसर दौरे के बीच वे श्री दुर्ग्याणा मंदिर में माथा टेकने पहुंचे, वहां भगवान नारायण की पूजा अर्चना की। दुर्ग्याणा कमेटी की तरफ से मुख्यमंत्री को सम्मानित किया गया।