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डिपो होल्डरों की भलाई के लिए संघर्ष को उतरा : प्रह्लाद मोदी
ब्यूरो/अमर उजाला, बरनाला
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:29 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सगे भाई एवं आल इंडिया डिपो होल्डर एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रह्लाद मोदी ने शनिवार को बरनाला में डिपो होल्डरों की राज्यस्तरीय कांफ्रेंस को संबोधित करने के लिए पहुंचे।
उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वे डिपो होल्डरों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी राज्यों का दौरा कर रहे हैं। वे अब तक त्रिपुरा, असाम, आंध्र प्रदेश का चक्कर लगा चुके हैं और पंजाब का दौरा चल रहा है।
उन्होंने कहा कि वे केंद्र सरकार और राज्यों की संबंधित सरकारों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष डिपो होल्डरो की समस्या रखकर उनका समाधान करवाने में जुटे हुए हैं।
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प्रह्लाद मोदी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग डिपो होल्डरों को सरकारी कर्मचारी घोषित करवाना है। उन्होंने डिपो होल्डरों की मांगें मनवाने के लिए 17 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में देशव्यापी धरना दिया था। इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं और केंद्र व राज्य सरकारें उनकी मांगें मानने के लिए विचार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि डिपो होल्डरों का कमीशन बढ़ाना चाहिए। एक क्विंटल गेहूं के लिए 87 प्रतिशत कमीशन देना चाहिए या फिर उनको सरकारी मुलाजिम घोषित कर इनकी महीने की तनख्वाह कम से कम 25 से 30 हजार रुपये होनी चाहिए।
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उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि वे डिपो होल्डरों की समस्याओं के समाधान के लिए सभी राज्यों का दौरा कर रहे हैं। वे अब तक त्रिपुरा, असाम, आंध्र प्रदेश का चक्कर लगा चुके हैं और पंजाब का दौरा चल रहा है।
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उन्होंने कहा कि वे केंद्र सरकार और राज्यों की संबंधित सरकारों के मुख्यमंत्रियों के समक्ष डिपो होल्डरो की समस्या रखकर उनका समाधान करवाने में जुटे हुए हैं।
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प्रह्लाद मोदी ने कहा कि उनकी प्रमुख मांग डिपो होल्डरों को सरकारी कर्मचारी घोषित करवाना है। उन्होंने डिपो होल्डरों की मांगें मनवाने के लिए 17 मार्च को दिल्ली के जंतर मंतर में देशव्यापी धरना दिया था। इसके अच्छे नतीजे सामने आए हैं और केंद्र व राज्य सरकारें उनकी मांगें मानने के लिए विचार कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि डिपो होल्डरों का कमीशन बढ़ाना चाहिए। एक क्विंटल गेहूं के लिए 87 प्रतिशत कमीशन देना चाहिए या फिर उनको सरकारी मुलाजिम घोषित कर इनकी महीने की तनख्वाह कम से कम 25 से 30 हजार रुपये होनी चाहिए।