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यूक्रेन में फंसे बच्चों का बुरा हाल, भीषण ठंड में फर्श पर रात बिताने को मजबूर

Sat, 26 Feb 2022 09:56 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 09:56 PM IST
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Bad condition of children trapped in Ukraine, forced to spend night on the floor in severe cold
अमृतसर। रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद भारत से वहां पढ़ने गए बच्चों का बुरा हाल हो गया है। बच्चों के पास खाने के लिए कोई पैसा नहीं बचा और पीने के पानी के लिए भी वे लोग इधर-उधर भटक रहे हैं। यूक्रेन में भीषण ठंड के बीच बच्चों को ठंडे फर्श पर रात बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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यूक्रेन में रुक-रुककर बम धमाके हो रहे हैं और वे बंकर के अंदर छुपकर अपनी जान बचाने की मशक्कत कर रहे हैं। यूक्रेन में एमबीबीएस की शिक्षा हासिल करने गईं पुतलीघर की यशिता ने यूक्रेन से लौटने के बाद डीसी आफिस कांपलेक्स में मीडिया के साथ बातचीत के दौरान यह बातें कही। वहां फंसे बच्चों के परिजन शनिवार को डीसी गुरप्रीत सिंह खैहरा के पास गुहार लगाने पहुंचे थे। डीसी दफ्तर कांपलेक्स में पहुंची यशिता ने बताया कि यूक्रेन में बच्चों की हालत बद से बदतर होने लगी है। उनके पास पैसा खत्म हो चुका है। खाने-पीने के लिए भी उन्हें वहां परेशानी हो रही है। भीषण ठंड में वे लोग वहां बिना कंबल के रात बिताने को मजबूर हैं। वहां फंसे बच्चे अपने परिजनों को वीडियो भेज-भेजकर अपने सुरक्षित होने का भरोसा तो दे रहे हैं, लेकिन सभी की सासें बीच में ही अटकी हुई हैं।
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यूक्रेन के खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही चाहत ने अपनी मां प्रभजोत कौर से वीडियो काल करते हुए वहां के हालात की जानकारी दी। चाहत ने उन्हें बताया कि वह मेट्रो स्टेशन में रहने को मजबूर हैं। खाने-पीने का सामान खत्म हो चुका है। पीने वाले पानी के टैंक भी खत्म हो चुके हैं और टैंकरों को भरने के लिए कोई नहीं आ रहा है। यूक्रेन की सरकार उन्हें बार-बार यही कह रही है कि बार्डर पर चले जाएं, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर है। वहां तो हालात ऐसे हैं कि कुछ मीटर चलना भी संभव नहीं। उन्होंने बताया कि वहां अब कोई टैक्सी या ट्रेन नहीं। बसों में ईंधन नहीं, उन्होंने सरकार से अपील की है कि वह बच्चों को सही सलामत भारत लेकर आए।
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डा. वीना बेदी ने बताया कि उनका बेटा उदित बेदी खारकीव में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है। उसकी 24 फरवरी की भारत के लिए फ्लाइट थी और इसके लिए वह एयरपोर्ट भी पहुंच गए थे, लेकिन इस बीच ही सभी फ्लाइट्स के रद्द किए जाने की घोषणा कर दी गई। उनके बेटे के साथ 12-13 अन्य लोग भी हैं। खाने पीने का बंदोबस्त भी नहीं है। अगर वह उन्हें पैसे भी भेजते हैं तो वहां एटीएम नहीं चल रहे। उन्होंने भारत सरकार से अपील की है कि सरकार उनके बच्चों को सुरक्षित भारत लाए जाने की व्यवस्था करें।

इस अवसर पर प्रोमिला रानी ने बताया कि उनका बेटा अनमोल भी यूक्रेन में एमबीबीएस के तीसरे साल का छात्र है। दो दिनों से उसके साथ बात नहीं हुई। तब अनमोल ने बताया कि वे लोग वहां बहुत परेशान हैं। इसके अलावा डीसी आफिस कांपलेक्स में पहुंचे प्रमोद शर्मा ने बताया कि उनका बेटा सुशांत शर्मा, परमपाल सिंह ने बताया कि उनकी बहन रमनीक कौर, मनोज कुमार ने बताया कि उनका बेटा सुशांत, अरमान ने बताया कि उनका भाई अमनदीप सिंह भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं।
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