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Amritsar: निजी बैंक में कम ब्याज पर करवाई चढ़ावे की एफडी, SGPC कर्मी पर रिश्तेदार को लाभ दिलाने का आरोप

Mon, 24 Jul 2023 11:37 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 24 Jul 2023 11:37 AM IST
सार

एसजीपीसी के पूर्व अधिकारी के अनुसार, अमृतसर से 15 किलोमीटर दूर बैंक में इतनी बड़ी राशि एफडी के लिए भेजना समझ से परे है। जबकि इस बैंक की अमृतसर में दो से अधिक शाखाएं हैं। यदि रास्ते में श्रद्धालुओं की ओर से गुरु घर पर चढ़ाई गई माया को किसी भी प्रकार की क्षति होती है, तो इस का जिम्मेदार कौन होता।

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Amritsar: Case of getting FD of crores rupees received by SGPC in private bank at low interest
एसजीपीसी - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को मिलने वाले करोड़ों रुपये के चढ़ावे के पैसे की एफडी कम ब्याज पर एक निजी बैंक में करवाने का मामला सामने आया है। एसजीपीसी के एक कर्मचारी ने अपने करीबी रिश्तेदार को निजी बैंक में उच्च पद दिलवाने के लिए यह एफडी करवाई। एसजीपीसी के अध्यक्ष के निजी सहायक सतबीर सिंह धामी का कहना है कि इस मामले के संबंध में रिकॉर्ड मंगवा कर चेक करवाए जाएंगे।
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गुरु की गोलक की करोड़ों की इस एफडी का मामला सामने आने के बाद एसजीपीसी गलियारे में हड़कंप मचा हुआ है। एसजीपीसी के एक पूर्व पदाधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अमृतसर से 15 किलोमीटर दूर बैंक में इतनी बड़ी राशि एफडी के लिए भेजना समझ से परे है। जबकि इस बैंक की अमृतसर में दो से अधिक शाखाएं हैं। यदि रास्ते में श्रद्धालुओं की ओर से गुरु घर पर चढ़ाई गई माया को किसी भी प्रकार की क्षति होती है, तो इस का जिम्मेदार कौन होता।
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सूत्रों का कहना है कि एसजीपीसी हमेशा सरकारी बैंकों को प्राथमिकता देती रही है, अब ऐसा क्या हो गया कि वे सरकारी बैंक को दरकिनार कर गुरु की गोलक का पैसा निजी बैंक में जमा कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, जिस बैंक को एसजीपीसी के पदाधिकारियों ने करोड़ों की एफडी दी है, वह बैंक साल 2020 में बंद होने की कगार पर था। ऐसा कहा जा रहा था कि बाजार में इस बैंक का शेयर मूल्य अन्य बैंकों की तुलना में बहुत कम है और बैंक की शुद्ध प्रदर्शन संपत्ति भी घट गई है।

अधिक ब्याज और अन्य उपहार देने को तैयार थे अन्य बैंक
बाजार में यह भी चर्चा है कि बैंक ने जहां सिर्फ साढ़े छह फीसदी ब्याज दर दी है, वहीं बाकी बैंक श्री हरमंदिर साहिब के लिए एसजीपीसी को इससे अधिक ब्याज देने और कई अन्य उपहार देने को भी तैयार थे। एसजीपीसी के सबसे करीबी माने जाने वाले एक निजी बैंक का शेयर मूल्य 1644 रुपये प्रति शेयर से अधिक है, जबकि एसजीपीसी के पसंदीदा निजी बैंक का शेयर मूल्य केवल 17 रुपये है। इस संबंध में एसजीपीसी कमेटी के एक पदाधिकारी ने अपना नाम गोपनीय रखते हुए कहा कि हम उस बैंक को करोड़ों रुपये एफडी देते हैं, जहां हमारा पैसा सुरक्षित रहता है। लेकिन शेयर बाजार में पसंदीदा बैंक की डिजिटल प्रतिष्ठा के बारे में बात करने के बजाय, अधिकारी ने फोन रख दिया।


पहले भी सामने आ चुके हैं घोटाले
श्री हरमंदिर साहिब परिसर में समय समय पर कई तरह के घोटाले सामने आते रहे है। इससे पहले श्री हरमंदिर साहिब के लंगर गुरुराम दास में भी सूखी रोटियां आदि बेचने का घोटला सामने आया था। जांच के दौरान पाया गया कि एक करोड़ से अधिक का घोटाला इस में हुआ है। जिस के चलते एसजीपीसी की कार्यकारिणी कमेटी की ओर से एक महत्वपूर्व फैसला लेकर 51 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था। जिन में कुछ मैनेजर, सुपरवाईजर और अलग अलग पोस्टों पर तैनात कर्मचारी भी जांच में आरोपी पाए गए थे। एसजीपीसी की ओर से अभी भी इस मामले में जांच चल की जा रही है। हो सकता है कि और भी कर्मचारी इस जांच में शामिल पाए जाएं।

इस से पहले भी एसजीपीसी में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूपों के गायब होने का मामला सामने आया था। यह विवाद इतना बढ गया था कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार को इस मामले की जांच के लिए एक जांच कमेटी गठित करनी पड़ी और इस को लेकर अकाल तख्त के जत्थेदार ने एसजीपीसी को आदेश दिए थे कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के मामले में दोषी पाए गए सभी आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जाए और विभागीय कार्रवाई की जाए। एसजीपीसी ने इस मामले में पुलिस के पास किसी आरोपी के खिलाफ एफआईआर तो दर्ज नही करवाई परंतु एक दर्जन के करीब अलग अलग पोस्टों पर तैनात कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। अभी भी यह मामला कानूनी विचाराधीन चल रहा है। एसजीपीसी के अंदर समय समय पर अलग अलग मामले सामने आते रहे है जिस को लेकर संगत में काफी रोष रहा है।
 
 
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