{"_id":"5f4b957b8ebc3e2ac0581e32","slug":"allegations-on-chief-sewadar-of-gurudwara-nanaksar-kaleran-amritsar-news-pkl3862378152","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरु मर्यादाओं की अवमानना... सेवादार ने न नौंवे गुरु जी की बाणी के श्लोक पढ़े और न हुक्मनामा लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरु मर्यादाओं की अवमानना... सेवादार ने न नौंवे गुरु जी की बाणी के श्लोक पढ़े और न हुक्मनामा लिया
Mon, 31 Aug 2020 11:00 AM IST
पंजाब ब्यूरो
अमर उजाला, अमृतसर
अमर उजाला, अमृतसर
Published by: पंजाब ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 11:00 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लुधियाना के कस्बा जगराओं के नजदीक स्थित गुरुद्वारा नानकसर कलेरां के मुख्य सेवादार बाबा लखा सिंह नानकसर के खिलाफ श्री अकाल तख्त साहिब में एक शिकायत पहुंची है।
गुरुद्वारा नानकसर कलेरां की संगत व कुछ प्रचारकों ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को दी शिकायत में बाबा लखा सिंह नानकसर पर गुरु मर्यादा व परंपराओं के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। गुरुद्वारा नानकसर कलेरां में संत महापुरुष बाबा नंद सिंह जी की बरसी समारोह के आयोजित श्री अखंड पाठ साहिब की एक शृंखला (लड़ी) का शुभारंभ करवाया गया था।
श्री अखंड पाठ साहिब भोग 24 अगस्त को डालने थे। भोग के अवसर पर वहां भारी संख्या में संगत मौजूद थी। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पहुंची शिकायत के अनुसार गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार ज्ञानी लखा सिंह ने श्री अखंड साहिब के पाठ किसी अन्य स्थान पर किए व अखंड साहिब पाठ के भोग कहीं और डाल दिए गए। नौवें महल्ले (श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बाणी) के श्लोक किसी और स्थान पर पढ़े गए।
विज्ञापन
बाबा लखा सिंह ने श्री अखंड साहिब पाठ की संपूर्णता के बाद हुक्मनामा नहीं लिया। अरदास भी बाबा लखा सिंह ने खुद की। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को भेजी शिकायत में कहा गया है कि बाबा लखा सिंह ने गुरु मर्यादाओं की घोर बेअदबी की है। संगत में इसका भारी रोष है। श्री अकाल तख्त साहिब इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटित हो। इस मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। शिकायत करने वालों के नाम गुरजीत व घाला सिंह है।
जानकारी के अनुसार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। जांच कमेटी में गुरुद्वारा गुरसर काउंके के मैनेजर गुरजीत सिंह व प्रचारक सरवन सिंह शामिल किए गए हैं। इन्होंने जांच शुरू कर दी है। गुरुद्वारा नानकसर कलेरां श्री अकाल तख्त द्वारा प्रमाणित गुरु मर्यादाओं व परंपराओं के आधार पर सिख धर्म का प्रचार व प्रसार करता आया है। यह पहला अवसर है कि गुरुद्वारा साहिब के मुखिया के विरुद्ध श्री अकाल तख्त साहिब में शिकायत पहुंची है।
विज्ञापन
गुरुद्वारा नानकसर कलेरां की संगत व कुछ प्रचारकों ने जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह को दी शिकायत में बाबा लखा सिंह नानकसर पर गुरु मर्यादा व परंपराओं के उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। गुरुद्वारा नानकसर कलेरां में संत महापुरुष बाबा नंद सिंह जी की बरसी समारोह के आयोजित श्री अखंड पाठ साहिब की एक शृंखला (लड़ी) का शुभारंभ करवाया गया था।
विज्ञापन
श्री अखंड पाठ साहिब भोग 24 अगस्त को डालने थे। भोग के अवसर पर वहां भारी संख्या में संगत मौजूद थी। श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पहुंची शिकायत के अनुसार गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार ज्ञानी लखा सिंह ने श्री अखंड साहिब के पाठ किसी अन्य स्थान पर किए व अखंड साहिब पाठ के भोग कहीं और डाल दिए गए। नौवें महल्ले (श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की बाणी) के श्लोक किसी और स्थान पर पढ़े गए।
विज्ञापन
बाबा लखा सिंह ने श्री अखंड साहिब पाठ की संपूर्णता के बाद हुक्मनामा नहीं लिया। अरदास भी बाबा लखा सिंह ने खुद की। जत्थेदार अकाल तख्त साहिब को भेजी शिकायत में कहा गया है कि बाबा लखा सिंह ने गुरु मर्यादाओं की घोर बेअदबी की है। संगत में इसका भारी रोष है। श्री अकाल तख्त साहिब इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना न घटित हो। इस मामले की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। शिकायत करने वालों के नाम गुरजीत व घाला सिंह है।
जानकारी के अनुसार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया है। जांच कमेटी में गुरुद्वारा गुरसर काउंके के मैनेजर गुरजीत सिंह व प्रचारक सरवन सिंह शामिल किए गए हैं। इन्होंने जांच शुरू कर दी है। गुरुद्वारा नानकसर कलेरां श्री अकाल तख्त द्वारा प्रमाणित गुरु मर्यादाओं व परंपराओं के आधार पर सिख धर्म का प्रचार व प्रसार करता आया है। यह पहला अवसर है कि गुरुद्वारा साहिब के मुखिया के विरुद्ध श्री अकाल तख्त साहिब में शिकायत पहुंची है।