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Amritsar News: अकाली दल वारिस पंजाब दे ने मंत्री आवास पर दिया धरना
Fri, 11 Sep 2026 05:48 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Updated Fri, 11 Sep 2026 05:48 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अकाली दल वारिस पंजाब दे ने शुक्रवार को पंजाब मांगता है इंसाफ मुहिम के तहत पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के जंडियाला स्थित आवास के बाहर धरना दिया। पार्टी ने मोहनजीत सिंह शेरों मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी और मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों के मामले को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विरोध में काला झंडा दिखाने पर पुलिस ने शेरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों को केवल निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें बर्खास्त कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसी तरह, गांव तूर बंजारा के गुलजार सिंह की मौत का मामला भी उठाया गया। नेताओं ने गुलजार सिंह के मृत्यु पूर्व बयान में मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम आने संबंधी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
नेताओं ने मांग की कि मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। उनसे इस्तीफा लिया जाए। पार्टी ने सरकार से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि सरकार लोगों की आवाज दबाने के बजाय इंसाफ सुनिश्चित करे।
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अमृतसर। अकाली दल वारिस पंजाब दे ने शुक्रवार को पंजाब मांगता है इंसाफ मुहिम के तहत पंजाब सरकार के मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के जंडियाला स्थित आवास के बाहर धरना दिया। पार्टी ने मोहनजीत सिंह शेरों मामले में जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों की बर्खास्तगी और मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान मोहनजीत सिंह शेरों के मामले को प्रमुखता से उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के विरोध में काला झंडा दिखाने पर पुलिस ने शेरों के साथ अमानवीय व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि संबंधित पुलिस उपाधीक्षक, निरीक्षक और अन्य पुलिस अधिकारियों को केवल निलंबित करना पर्याप्त नहीं है। उन्हें बर्खास्त कर कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। इसी तरह, गांव तूर बंजारा के गुलजार सिंह की मौत का मामला भी उठाया गया। नेताओं ने गुलजार सिंह के मृत्यु पूर्व बयान में मंत्री हरपाल सिंह चीमा का नाम आने संबंधी मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
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नेताओं ने मांग की कि मृत्यु पूर्व बयान के आधार पर मंत्री हरपाल सिंह चीमा के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो। उनसे इस्तीफा लिया जाए। पार्टी ने सरकार से दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि सरकार लोगों की आवाज दबाने के बजाय इंसाफ सुनिश्चित करे।
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