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भारत-चीन सीमा पर डियूटी दौरान सेना का हवलदार शहीद
Updated Wed, 02 May 2018 10:16 PM IST
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भारत-चीन सीमा पर सेना का हवलदार शहीद
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
भारत-चीन बार्डर पर ग्लेशियर में डियूटी पर तैनात बटाला के गांव विंझवां के रहने वाले सेना के हवलदार राजिंदर सिंह (37) ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर वीरवार को पैतृक गांव लाया जाएगा और पूरे सरकारी सम्मानों के साथ शहीद का दाह संस्कार किया जाएगा।
बुधवार की देर शाम को हलवदार राजिंदर सिंह वासी गांव विंझवां के भाई सुलखन सिंह ने बताया कि उनके भाई की ड्यूटी भारत-चीन बार्डर पर थी। वह सिख लाइट 16 बटालियन के जवान थे। उन्होंने बताया कि जहां भाई की ड्यूटी थी, वहां आक्सीजन कम थी और आक्सीजन कम होने की वजह से भाई शहीद हो गए। उन्होंने बताया कि आज सुबह पठानकोट से उसके छोटे भाई भूपिंदर सिंह को फोन आया था, जिसमें राजिंदर सिंह के शहीद होने के बारे में बताया गया। राजिंदर सिंह का 9 साल का एक बेटा सरोज है औैर 11 साल की बेटी गुरलीन हैै। उन्होंने बताया कि राजिंदर सिंह पिछले 17 साल से देश की सेवा कर रहे थे और पिछले 6 महीनों से भारत-चीन सीमा पर ग्लेशियर में तैनात थे। उन्होंने बताया भाई राजिंदर सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार को पैतृक गांव विंझवां लाया जाएगा और पूरे सरकारी सम्मानों के साथ शहीद का दाह संस्कार किया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
बटाला।
भारत-चीन बार्डर पर ग्लेशियर में डियूटी पर तैनात बटाला के गांव विंझवां के रहने वाले सेना के हवलदार राजिंदर सिंह (37) ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनका पार्थिव शरीर वीरवार को पैतृक गांव लाया जाएगा और पूरे सरकारी सम्मानों के साथ शहीद का दाह संस्कार किया जाएगा।
बुधवार की देर शाम को हलवदार राजिंदर सिंह वासी गांव विंझवां के भाई सुलखन सिंह ने बताया कि उनके भाई की ड्यूटी भारत-चीन बार्डर पर थी। वह सिख लाइट 16 बटालियन के जवान थे। उन्होंने बताया कि जहां भाई की ड्यूटी थी, वहां आक्सीजन कम थी और आक्सीजन कम होने की वजह से भाई शहीद हो गए। उन्होंने बताया कि आज सुबह पठानकोट से उसके छोटे भाई भूपिंदर सिंह को फोन आया था, जिसमें राजिंदर सिंह के शहीद होने के बारे में बताया गया। राजिंदर सिंह का 9 साल का एक बेटा सरोज है औैर 11 साल की बेटी गुरलीन हैै। उन्होंने बताया कि राजिंदर सिंह पिछले 17 साल से देश की सेवा कर रहे थे और पिछले 6 महीनों से भारत-चीन सीमा पर ग्लेशियर में तैनात थे। उन्होंने बताया भाई राजिंदर सिंह का पार्थिव शरीर वीरवार को पैतृक गांव विंझवां लाया जाएगा और पूरे सरकारी सम्मानों के साथ शहीद का दाह संस्कार किया जाएगा।
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