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22 जिलों को पछाड़ पठानकोट का जनऔषधि केन्द्र रहा अव्वल, 15 अगस्त को मिलेगा सम्मान
Updated Fri, 10 Aug 2018 10:08 PM IST
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पठानकोट का जनऔषधि केंद्र सूबे में रहा अव्वल
एक वर्ष साल में 85 लाख की जेनरिक दवाएं बेचीं, 15 अगस्त को मिलेगा सम्मान
पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन ने सिविल अस्पताल प्रबंधन को भेजा सराहना पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। लोगों क ोसस्ती दवाएं उपलब्ध करवाने के लिहाज से 2011 में सूबे के हर जिले में खोले गए जनऔषधि केन्द्रों में पठानकोट ने बाजी मारी है। प्रदेश के 22 जिलों के 40 से अधिक केंद्रों में पठानकोट पहले स्थान पर रहा है। शुक्रवार को पीएचएससी (पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन) के एमडी अमित कुमार ने सराहना पत्र भेजकर सिविल अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी।
पत्र में बताया गया कि पठानकोट के जनऔषधि केंद्र में पूरे साल के दौरान 85 लाख की जेनरिक दवाईयां लोगों को दी गईं। इसके एवज में प्रदेश सरकार जनऔषधि केन्द्र के स्टाफ जिनमें एसएमओ डॉ. भूपिन्द्र सिंह, नोडल अफसर मनोहर लाल ऑबराय, फार्मासिस्ट अंकुश महाजन, गौरव महाजन और हिमांशू सूद को सम्मानित करेगी। एमडी ने पत्र में लिखा कि पठानकोट सिविल अस्पताल सही मायनों में सरकारी सुविधाओं का फायदा लोगों तक पहुंचा रहा है। इसके लिए स्टाफ और प्रशासन बधाई का पात्र है। सितंबर 2017 में विजिलेंस की जांच में पाया गया था कि पठानकोट, गुरदासपुर सहित पंजाब के 7 जिलों के सरकारी डॉक्टर ब्रांडेड दवा विक्रेता कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिहाज से महंगी दवाएं लिखते हैं। रिपोर्ट पढ़ने के बाद डाक्टरों ने अपनी छवि सुधारने के लिए जनऔषधि की दवाएं लिखने का काम शुरू किया तो पठानकोट नंबर 1 बना। वहीं इस साल पठानकोट जनऔषधि केन्द्र से 85 लाख की जेनरिक दवाएं लोगों को कम कीमत पर बेची गई हैं।
केंद्र को 2013 में भी मिला था अवार्ड
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. भूपिन्द्र सिंह ने बताया कि 2013 में बाकी जिलों के मुकाबले पठानकोट जनऔषधि केंद्र में अधिक दवाएं लोगों को मुहैया करवाई थी। इस पर केंद्र के स्टाफ को सम्मान मिला था।
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एक वर्ष साल में 85 लाख की जेनरिक दवाएं बेचीं, 15 अगस्त को मिलेगा सम्मान
पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन ने सिविल अस्पताल प्रबंधन को भेजा सराहना पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। लोगों क ोसस्ती दवाएं उपलब्ध करवाने के लिहाज से 2011 में सूबे के हर जिले में खोले गए जनऔषधि केन्द्रों में पठानकोट ने बाजी मारी है। प्रदेश के 22 जिलों के 40 से अधिक केंद्रों में पठानकोट पहले स्थान पर रहा है। शुक्रवार को पीएचएससी (पंजाब हेल्थ सिस्टम कार्पोरेशन) के एमडी अमित कुमार ने सराहना पत्र भेजकर सिविल अस्पताल प्रबंधन को इसकी जानकारी दी।
पत्र में बताया गया कि पठानकोट के जनऔषधि केंद्र में पूरे साल के दौरान 85 लाख की जेनरिक दवाईयां लोगों को दी गईं। इसके एवज में प्रदेश सरकार जनऔषधि केन्द्र के स्टाफ जिनमें एसएमओ डॉ. भूपिन्द्र सिंह, नोडल अफसर मनोहर लाल ऑबराय, फार्मासिस्ट अंकुश महाजन, गौरव महाजन और हिमांशू सूद को सम्मानित करेगी। एमडी ने पत्र में लिखा कि पठानकोट सिविल अस्पताल सही मायनों में सरकारी सुविधाओं का फायदा लोगों तक पहुंचा रहा है। इसके लिए स्टाफ और प्रशासन बधाई का पात्र है। सितंबर 2017 में विजिलेंस की जांच में पाया गया था कि पठानकोट, गुरदासपुर सहित पंजाब के 7 जिलों के सरकारी डॉक्टर ब्रांडेड दवा विक्रेता कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिहाज से महंगी दवाएं लिखते हैं। रिपोर्ट पढ़ने के बाद डाक्टरों ने अपनी छवि सुधारने के लिए जनऔषधि की दवाएं लिखने का काम शुरू किया तो पठानकोट नंबर 1 बना। वहीं इस साल पठानकोट जनऔषधि केन्द्र से 85 लाख की जेनरिक दवाएं लोगों को कम कीमत पर बेची गई हैं।
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केंद्र को 2013 में भी मिला था अवार्ड
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉ. भूपिन्द्र सिंह ने बताया कि 2013 में बाकी जिलों के मुकाबले पठानकोट जनऔषधि केंद्र में अधिक दवाएं लोगों को मुहैया करवाई थी। इस पर केंद्र के स्टाफ को सम्मान मिला था।
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