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एसजीपीसी के अध्यक्ष का चुनाव आज, मक्कड़ और बंडूगर में हो सकती है टक्कर
Updated Tue, 28 Nov 2017 09:58 PM IST
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एसजीपीसी के अध्यक्ष का चुनाव आज
शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने तेजा सिंह समुंदरी हाल में किया संबोधन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष का चुनाव बुधवार को तेजा सिंह समुंदरी हाल में होगा। मंगलवार को ही जरनल इजलास को पूर्व डिप्टी सीएम व शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय सिख धर्म एकजुटता दिखाए, वर्ना परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं। कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं जो सियासत को धर्म से जोड़ कर फूट डाल रहे हैं, ऐसे लोगों से कौम को सावधान रहना चाहिए।
उधर, एसजीपीसी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जोड़तोड़ चल रही है। अध्यक्ष पद के लिए नेता अपनी गोटियां फिट कर चुके हैं, वहीं कार्यकारिणी में भी स्थान हासिल करने के लिए सदस्यों ने सारी रणनीति तैयार कर ली है। एसजीपीसी के इस समय 170 के करीब सदस्य हैं। कुल सदस्य करीब 191 होते हैं। कार्यकारिणी में 11 सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त एक अध्यक्ष, एक सीनियर उपाध्यक्ष, एक जूनियर उपाध्यक्ष और एक महासचिव का चुनाव होता है। 165 सदस्यों का चुनाव मतदान के माध्यम से होता है जबकि 15 के करीब सदस्यों का नामीनेशन होता है। इनमें हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से एक-एक सदस्य और नई दिल्ली से तीन सदस्यों का चयन किया जाता है।
पांच तख्त साहिबों के जत्थेदार भी इस कमेटी के सदस्य होते हैं परंतु वे वोट नहीं डालते हैं। इस बार हाउस से एसजीपीसी सदस्य सुच्चा सिंह लंगाह आरोपों के कारण त्यागपत्र देकर जेल जा चुके हैं। हरियाणा के सदस्य शरणजीत सिंह भी त्यागपत्र दे चुके हैं। जबकि पांच सदस्यों का निधन हो चुका है।
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एसजीपीसी के मुख्य सचिव डा. रूप सिंह ने बताया 29 नवंबर को तेजा सिंह समुंदरी हाल में होने वाले जनरल इजलास को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए पत्र भी सारे सदस्यों को जारी कर दिए गए हैं। इजलास में अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव, जूनियर उपाध्यक्ष और कार्यकारिणी कमेटी के सदस्यों का चुनाव होगा।
2011 से नहीं हुए हैं एसजीपीसी के चुनाव
2011 से सहजधारियों को वोट का अधिकार न देने को लेकर यह विवाद सर्वोच्च अदालत में रहा, जिसके चलते चुनाव नहीं हो सके। नियमानुसार हरेक वर्ष नवंबर में जरनल इजलास आयोजित किया जाता है। इजलास में अध्यक्ष के साथ साथ कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चुनाव होता है। प्रो बडूंगर गत वर्ष नवंबर में ही एसजीपीसी अध्यक्ष चुने गए थे। बडूंगर भी एसजीपीसी के नामिनेटेड सदस्य हैं।
पंथक फ्रंट के भौर को सुबह का इंतजार
पंथक फ्रंट इस बार एसजीपीसी का जरनल इजलास हंगामों से भरा होने की संभावना है। एसजीपीसी के अंदर कुछ सदस्यों ने पंथक फ्रंट बना कर मौजूदा अध्यक्ष बडूंगर के खिलाफ मैदान में आने का मन बना लिया है। फ्रंट का नेतृत्व कमेटी के सदस्य व पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भौर कर रहे हैं। भौर ने कहा कि फ्रंट अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा और वोट की मांग करेगा। भौर का दावा है कि उनके साथ एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष गुरचरण सिंह टोहड़ा की बेटी कुलदीप कौर टोहड़ा समेत सात पूर्व सदस्य और 22 मौजूदा सदस्य हैं। अगर हाउस में चुनाव होता है तो कई गुणा अधिक सदस्य उनके समर्थन में मतदान कर सकते हैं।
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शिअद प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने तेजा सिंह समुंदरी हाल में किया संबोधन
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष का चुनाव बुधवार को तेजा सिंह समुंदरी हाल में होगा। मंगलवार को ही जरनल इजलास को पूर्व डिप्टी सीएम व शिअद के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने संबोधित करते हुए कहा कि आज का समय सिख धर्म एकजुटता दिखाए, वर्ना परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं। कुछ ऐसे लोग सक्रिय हैं जो सियासत को धर्म से जोड़ कर फूट डाल रहे हैं, ऐसे लोगों से कौम को सावधान रहना चाहिए।
उधर, एसजीपीसी अध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर जोड़तोड़ चल रही है। अध्यक्ष पद के लिए नेता अपनी गोटियां फिट कर चुके हैं, वहीं कार्यकारिणी में भी स्थान हासिल करने के लिए सदस्यों ने सारी रणनीति तैयार कर ली है। एसजीपीसी के इस समय 170 के करीब सदस्य हैं। कुल सदस्य करीब 191 होते हैं। कार्यकारिणी में 11 सदस्य होते हैं। इसके अतिरिक्त एक अध्यक्ष, एक सीनियर उपाध्यक्ष, एक जूनियर उपाध्यक्ष और एक महासचिव का चुनाव होता है। 165 सदस्यों का चुनाव मतदान के माध्यम से होता है जबकि 15 के करीब सदस्यों का नामीनेशन होता है। इनमें हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व महाराष्ट्र से एक-एक सदस्य और नई दिल्ली से तीन सदस्यों का चयन किया जाता है।
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पांच तख्त साहिबों के जत्थेदार भी इस कमेटी के सदस्य होते हैं परंतु वे वोट नहीं डालते हैं। इस बार हाउस से एसजीपीसी सदस्य सुच्चा सिंह लंगाह आरोपों के कारण त्यागपत्र देकर जेल जा चुके हैं। हरियाणा के सदस्य शरणजीत सिंह भी त्यागपत्र दे चुके हैं। जबकि पांच सदस्यों का निधन हो चुका है।
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एसजीपीसी के मुख्य सचिव डा. रूप सिंह ने बताया 29 नवंबर को तेजा सिंह समुंदरी हाल में होने वाले जनरल इजलास को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके लिए पत्र भी सारे सदस्यों को जारी कर दिए गए हैं। इजलास में अध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, महासचिव, जूनियर उपाध्यक्ष और कार्यकारिणी कमेटी के सदस्यों का चुनाव होगा।
2011 से नहीं हुए हैं एसजीपीसी के चुनाव
2011 से सहजधारियों को वोट का अधिकार न देने को लेकर यह विवाद सर्वोच्च अदालत में रहा, जिसके चलते चुनाव नहीं हो सके। नियमानुसार हरेक वर्ष नवंबर में जरनल इजलास आयोजित किया जाता है। इजलास में अध्यक्ष के साथ साथ कार्यकारिणी के सदस्यों का भी चुनाव होता है। प्रो बडूंगर गत वर्ष नवंबर में ही एसजीपीसी अध्यक्ष चुने गए थे। बडूंगर भी एसजीपीसी के नामिनेटेड सदस्य हैं।
पंथक फ्रंट के भौर को सुबह का इंतजार
पंथक फ्रंट इस बार एसजीपीसी का जरनल इजलास हंगामों से भरा होने की संभावना है। एसजीपीसी के अंदर कुछ सदस्यों ने पंथक फ्रंट बना कर मौजूदा अध्यक्ष बडूंगर के खिलाफ मैदान में आने का मन बना लिया है। फ्रंट का नेतृत्व कमेटी के सदस्य व पूर्व महासचिव सुखदेव सिंह भौर कर रहे हैं। भौर ने कहा कि फ्रंट अपना उम्मीदवार खड़ा करेगा और वोट की मांग करेगा। भौर का दावा है कि उनके साथ एसजीपीसी के पूर्व अध्यक्ष गुरचरण सिंह टोहड़ा की बेटी कुलदीप कौर टोहड़ा समेत सात पूर्व सदस्य और 22 मौजूदा सदस्य हैं। अगर हाउस में चुनाव होता है तो कई गुणा अधिक सदस्य उनके समर्थन में मतदान कर सकते हैं।