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अध्यापकों ने 15 हजार वेतन के विरोध में जीटी रोड जाम किया और सरकार का पुतला फूंका
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:32 PM IST
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प्रदेश सरकार का पुतला फूंककर जताया रोष, सात मार्च को पक्का मोर्चा लगाने की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। पंजाब सरकार की ओर से एसएसए और रमसा अध्यापकों का वेतन घटाकर 15 हजार रुपये देने के फैसले पर वीरवार को गुस्साए अध्यापकों ने जीटी रोड जाम कर दिया और इसके बाद सूबा सरकार का पुतला फूूंककर रोष जताया। सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब के आह्वान पर इस प्रदर्शन की अगुवाई हरजिंदर सिंह, तरसेम लाल, गुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह हंसपाल ने की।
प्रदर्शन के दौरान अध्यापक नेताओं ने कहा कि एसएसए और रमसा अध्यापक को पहले 42800 वेतन मिल रहा था। अब सरकार ने कैबिनेट में लिए फैसले के अनुसार उक्त शिक्षकों जिनकी संख्या 8886 की वेतन में 65 प्रतिशत कटौती करके उनको महज मासिक 15 हजार रुपये देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि जो सरकार ने उनके साथ किया है शायद वह इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि इतनी महंगाई के दौर में शिक्षक महज 15 हजार में अपने और अपने परिवार का गुजारा कैसे कर पाएंगे। सांझा अध्यापक मोर्चा सरकार से मांग करता है कि उनकी मौजूदा सैलरी को प्रोटेक्ट करके बिना किसी शर्त के उन्हें रेगुलर किया जाए। यदि सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो सांझा अध्यापक मोर्चा पटियाला में 7 अक्तूबर से पक्का मोर्चा लगाएगा। मौके पर क्षेत्र के सभी एसएसए और रमसा अध्यापक मौजूद थे।
फोटो- 04जीडीआरबीटीएलपी01ऐ
कैप्शन- बटाला के जीटी रोड पर स्थित गांधी चौंक में चक्का जाम करते हुये एसएसए और रमसा शिक्षक
फोटो- 04जीडीआरबीटीएलपी01बी
कैप्शन- सरकार का पुतला फूंकते हुये शिक्षक
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अमर उजाला ब्यूरो
बटाला। पंजाब सरकार की ओर से एसएसए और रमसा अध्यापकों का वेतन घटाकर 15 हजार रुपये देने के फैसले पर वीरवार को गुस्साए अध्यापकों ने जीटी रोड जाम कर दिया और इसके बाद सूबा सरकार का पुतला फूूंककर रोष जताया। सांझा अध्यापक मोर्चा पंजाब के आह्वान पर इस प्रदर्शन की अगुवाई हरजिंदर सिंह, तरसेम लाल, गुरजीत सिंह, कुलदीप सिंह हंसपाल ने की।
प्रदर्शन के दौरान अध्यापक नेताओं ने कहा कि एसएसए और रमसा अध्यापक को पहले 42800 वेतन मिल रहा था। अब सरकार ने कैबिनेट में लिए फैसले के अनुसार उक्त शिक्षकों जिनकी संख्या 8886 की वेतन में 65 प्रतिशत कटौती करके उनको महज मासिक 15 हजार रुपये देने का एलान किया है। उन्होंने कहा कि जो सरकार ने उनके साथ किया है शायद वह इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि इतनी महंगाई के दौर में शिक्षक महज 15 हजार में अपने और अपने परिवार का गुजारा कैसे कर पाएंगे। सांझा अध्यापक मोर्चा सरकार से मांग करता है कि उनकी मौजूदा सैलरी को प्रोटेक्ट करके बिना किसी शर्त के उन्हें रेगुलर किया जाए। यदि सरकार ने अपना फैसला वापस न लिया तो सांझा अध्यापक मोर्चा पटियाला में 7 अक्तूबर से पक्का मोर्चा लगाएगा। मौके पर क्षेत्र के सभी एसएसए और रमसा अध्यापक मौजूद थे।
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फोटो- 04जीडीआरबीटीएलपी01ऐ
कैप्शन- बटाला के जीटी रोड पर स्थित गांधी चौंक में चक्का जाम करते हुये एसएसए और रमसा शिक्षक
फोटो- 04जीडीआरबीटीएलपी01बी
कैप्शन- सरकार का पुतला फूंकते हुये शिक्षक