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रिपीट ......मुक्खा हत्याकांड केस में नौ पुलिस कर्मियों को मिली जमानत
Updated Wed, 25 Oct 2017 10:26 PM IST
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मुक्खा फर्जी एनकाउंटर केस में नौ पुलिस कर्मियों को मिली जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अकाली नेता मुक्खजीत सिंह उर्फ मुक्खा के फर्जी एनकाउंटर केस में सीजेएम जसपिंदर सिंह हेर की अदालत ने नौ पुलिस कर्मियों को कच्ची जमानत दे दी है। अदालत ने केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख 13 नवंबर मुकर्रर की है। मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
सीजेएम हेर की अदालत ने सब इंसपेक्टर हरमेश कुमार, एएसआई जोगिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल रमेश कुमार, रंधीर सिंह, जसबीर सिंह, राजकुमार व सविंदर सिंह समेत कांस्टेबल मंदीप सिंह, नवजोत सिंह को कच्ची जमानत दे दी है। इसके पहले तत्कालीन डीसीपी व अमृतसर देहाती के एसएसपी परमपाल सिंह को भी सबूतों के छेड़छाड़ के मामले में जमानत मिल चुकी है।
क्या है मामला
16 जून 2015 की बात है। वार्ड नंबर 16 के अकाली दल प्रधान मुखजीत सिंह उर्फ मुक्खा कार से वेरका से बटाला की तरफ जा रहा था। पुलिस को इस बीच सूचना थी कि वांटेड गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया किसी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयारियां कर रहा है और वह अपनी कार से वेरका चौक से बटाला की तरफ जाएगा। इस पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। इसी बीच पुलिस ने एक कार को आते रोका और कार में सवार चालक पर पुलिस ने ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं, बाद में कार में अकाली नेता मुक्खा का शव मिला। पुलिस ने इस मामले में लीपापोती की लाख कोशिशें कीं। मुक्खा के परिजन हाईकोर्ट के शरण में चले गए और पुलिस वालों के खिलाफ अलग से अपील दायर की थी। वहीं अमृतसर में भी यह केस चल रहा था। अमृतसर की अदालत ने इस फर्जी एनकाउंटर में आरोपी नौ पुलिस कर्मियों को कच्ची जमानत दे दी।
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अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अकाली नेता मुक्खजीत सिंह उर्फ मुक्खा के फर्जी एनकाउंटर केस में सीजेएम जसपिंदर सिंह हेर की अदालत ने नौ पुलिस कर्मियों को कच्ची जमानत दे दी है। अदालत ने केस की सुनवाई के लिए अगली तारीख 13 नवंबर मुकर्रर की है। मामले में आरोपी पुलिस कर्मियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
सीजेएम हेर की अदालत ने सब इंसपेक्टर हरमेश कुमार, एएसआई जोगिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल रमेश कुमार, रंधीर सिंह, जसबीर सिंह, राजकुमार व सविंदर सिंह समेत कांस्टेबल मंदीप सिंह, नवजोत सिंह को कच्ची जमानत दे दी है। इसके पहले तत्कालीन डीसीपी व अमृतसर देहाती के एसएसपी परमपाल सिंह को भी सबूतों के छेड़छाड़ के मामले में जमानत मिल चुकी है।
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क्या है मामला
16 जून 2015 की बात है। वार्ड नंबर 16 के अकाली दल प्रधान मुखजीत सिंह उर्फ मुक्खा कार से वेरका से बटाला की तरफ जा रहा था। पुलिस को इस बीच सूचना थी कि वांटेड गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया किसी वारदात को अंजाम देने के लिए तैयारियां कर रहा है और वह अपनी कार से वेरका चौक से बटाला की तरफ जाएगा। इस पर पुलिस ने नाकाबंदी कर रखी थी। इसी बीच पुलिस ने एक कार को आते रोका और कार में सवार चालक पर पुलिस ने ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं, बाद में कार में अकाली नेता मुक्खा का शव मिला। पुलिस ने इस मामले में लीपापोती की लाख कोशिशें कीं। मुक्खा के परिजन हाईकोर्ट के शरण में चले गए और पुलिस वालों के खिलाफ अलग से अपील दायर की थी। वहीं अमृतसर में भी यह केस चल रहा था। अमृतसर की अदालत ने इस फर्जी एनकाउंटर में आरोपी नौ पुलिस कर्मियों को कच्ची जमानत दे दी।
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