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ये इंसानियत की मौत है: मंदिर में बिलखती मिली थी 11 महीने की बच्ची, अस्पताल में इलाज के दौरान चली गई जान
Tue, 25 Jun 2024 11:01 AM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 25 Jun 2024 11:01 AM IST
सार
11 माह की मासूम को कोई पत्थरदिल मंदिर के लंगर भवन में छोड़ गया था। बच्ची को बुखार था। पुलिस ने पहले उसे अस्पताल में भर्ती करवाया और फिर उसे छोड़ने वाले की तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची की अस्पताल में मौत हो गई।
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मंदिर में मिली बच्ची की मौत
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अमृतसर के स्थानीय शिवाला बाग भाइयां मंदिर में रविवार रात कोई अज्ञात व्यक्ति 11 माह की बच्ची को बीमार हालत में छोड़कर चला गया। इसकी सूचना मंदिर प्रबंधकों की ओर से पुलिस को दी गई। बच्ची काफी बीमार लग रही थी। मौके पर पुलिस ने भी मंदिर में बच्ची के परिजनों को तलाशने की कोशिश की और उसे अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन सुबह बच्ची ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
एएसआई चंद्र मोहन ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है। अभी तक बच्ची को लेकर किसी परिवार ने लापता होने की रिपोर्ट भी नहीं दर्ज करवाई है। पुलिस बच्ची को मंदिर परिसर के लंगर भवन में लावारिस हालत में छोड़ने वालों का पता लगाने में जुटी है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम हाउस में तीन दिन के लिए रखवाया गया है, ताकि बच्ची के वारिसों का पता चल सके।
लंगर भवन के बाहर जब बच्ची रोने लगी तो लोग एकत्र हो गए। पहले आसपास बच्ची के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया। काफी देर तक जब बच्ची के परिवार का पता नहीं लगा तो पुलिस को जानकारी दी गई। बच्ची को बुखार था। पुलिस ने अपनी देखरेख में बच्ची को सिविल अस्पताल दाखिल करवाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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बच्ची की पहचान के लिए रामबाग थाने की पुलिस जहां कमिश्नरेट के अन्य थानों के संपर्क में है। पड़ोसी जिले तरनतारन, फिरोजपुर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट की पुलिस से संपर्क में है ताकि बच्ची के परिजनों का पता लगाया जा सके। पुलिस को अभी तक कहीं से इनपुट नहीं मिले हैं। पुलिस का मानना है कि अगर बच्ची लापता हुई या अपहरण हुआ है तो उसके परिजन इस संबंध में संबंधित पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट जरूर दर्ज करवाएंगे।
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एएसआई चंद्र मोहन ने बताया कि मामले की जांच करवाई जा रही है। अभी तक बच्ची को लेकर किसी परिवार ने लापता होने की रिपोर्ट भी नहीं दर्ज करवाई है। पुलिस बच्ची को मंदिर परिसर के लंगर भवन में लावारिस हालत में छोड़ने वालों का पता लगाने में जुटी है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम हाउस में तीन दिन के लिए रखवाया गया है, ताकि बच्ची के वारिसों का पता चल सके।
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लंगर भवन के बाहर जब बच्ची रोने लगी तो लोग एकत्र हो गए। पहले आसपास बच्ची के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया गया। काफी देर तक जब बच्ची के परिवार का पता नहीं लगा तो पुलिस को जानकारी दी गई। बच्ची को बुखार था। पुलिस ने अपनी देखरेख में बच्ची को सिविल अस्पताल दाखिल करवाया, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
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बच्ची की पहचान के लिए रामबाग थाने की पुलिस जहां कमिश्नरेट के अन्य थानों के संपर्क में है। पड़ोसी जिले तरनतारन, फिरोजपुर, बटाला, गुरदासपुर और पठानकोट की पुलिस से संपर्क में है ताकि बच्ची के परिजनों का पता लगाया जा सके। पुलिस को अभी तक कहीं से इनपुट नहीं मिले हैं। पुलिस का मानना है कि अगर बच्ची लापता हुई या अपहरण हुआ है तो उसके परिजन इस संबंध में संबंधित पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट जरूर दर्ज करवाएंगे।