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पंजाब में सजा पूरी होने से पहले ही रेप के 93 दोषी रिहा

Tue, 08 Jan 2013 09:17 AM IST
चंडीगढ़/ब्यूरो
चंडीगढ़/ब्यूरो Updated Tue, 08 Jan 2013 09:17 AM IST
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93 rape accused have been released before completing their sentence in punjab

पंजाब में दुराचार के मामले में विभिन्न अदालतों द्वारा दोषी ठहराए गए 93 लोगों को सजा पूरी होने से पहले ही रिहा कर दिया गया। इनमें कई ऐसे संगीन मामले शामिल हैं, जिसमें दरिंदों ने दुराचार के बाद महिला की हत्या तक कर दी थी। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में दाखिल जनहित याचिका में यह खुलासा हुआ है।

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याचिका में पंजाब सरकार की 1991 की प्रीमैच्योर रिलीज पॉलिसी के तहत 8 अगस्त 2011 को जारी सर्कुलर को रद करने के निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। हाईकोर्ट में इस मामले में मंगलवार को सुनाई होगी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अधिवक्ता एचसी अरोड़ा द्वारा दाखिल जनहित याचिका में कहा गया है कि पंजाब सरकार ने 8 अगस्त 2011 को एक सर्कुलर जारी किया था। इसके तहत उम्रकैद की सजा भुगत रहे लोगों के लिए प्रीमैच्योर रिलीज करने पर फ्रैश पॉलिसी लागू करने को स्वीकृति दी गई थी।
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याचिका में कहा गया है कि पॉलिसी के तहत दुराचार और दुराचार के बाद हत्या के मामले की सजा भुगत रहे लोगों को भी छह साल जेल में गुजारने के बाद रिहाई का मौका मिल जाता है। हालांकि, ऐसे दोषियों की सजा नौ साल जेल में गुजारने के बाद प्रीमैच्योर गिनी जाती है।


याचिका में कहा गया है कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने 1 मार्च 2007 से लेकर 31 अप्रैल 2008 में प्रीमैच्योर पॉलिसी के तहत 93 दोषियों को समय पूर्व रिहा कर दिया था। याचिका में कहा गया है कि ऐसी पॉलिसियों से समाज में बुरा असर पड़ रहा है और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है।

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