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Women's Day: पैदा होने पर परिवार ने कहा था बोझ, बुलंद हौसले से बनीं देश की पहली महिला बाल चिकित्सक

Tue, 05 Mar 2019 05:42 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Tue, 05 Mar 2019 05:42 PM IST
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Womens Day 2019 story of india woman pediatric surgeon
saroj chudamani gopal - फोटो : self

जिस समय लड़कियां क्या लड़कों के भी शिक्षा पर देश में जागरूकता नहीं थी। लोग नौकरी तो दूर पढ़ाई से भी कोसों दूर थे, उस समय एक बेटी ने अपनी पढ़ाई के लिए संघर्ष किया। सर्जरी के क्षेत्र में देश की सर्वोच्च उपाधि ‘एमसीएच’ हासिल करने वाली देश की पहली महिला बाल चिकित्सक सर्जन, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की पहली महिला कुलपति, आगरा मेडिकल कॉलेज की पहली छात्रा, जिसने जनरल सर्जरी में पढ़ाई की। उनका नाम है पद्मश्री प्रो. सरोज चूड़ामणि गोपाल, जिन्होंने काशी ही नहीं पूरे देश में शोहरत कमाई है। देखें आगे की स्लाइड्स में...

Womens Day 2019 story of india woman pediatric surgeon
saroj chudamani gopal - फोटो : self

75 साल की उम्र की प्रो. गोपाल आज भी बतौर डिस्टिंग्विस्ड प्रोफेसर बीएचयू के मेडिकल छात्रों को पढ़ाती हैं और जोश-कर्मठता ऐसी कि आधे उम्र के लोग भी मात खा जाएं। प्रो. चूड़ामणि के उपलब्धियों भरे इस सफर के पीछे संघर्षों की लंबी दास्तान है। ये सफर उनके लिए कतई आसान नहीं था।

Womens Day 2019 story of india woman pediatric surgeon
saroj chudamani gopal - फोटो : self

प्रो. सरोज चूड़ामणि का मथुरा के एक गांव में जन्म 1944 में हुआ था। उन्होंने बताया कि उनके पिता प्लाटून कमांडर थें, जन्म के समय प्रो. सरोज के ताऊ जी ने उनके पिता को पत्र लिख कर बताया कि मुझे बताते हुए दुख हो रहा है कि तुम्हारे ऊपर शिला(बोझ रूपी पत्थर) आ गई। इसके बाद प्रो. सरोज के पिता ने भगवान की पूजा की और कहा कि मैं अपनी बेटी का स्वागत करता हूं।

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Womens Day 2019 story of india woman pediatric surgeon
saroj chudamani gopal - फोटो : self

पहले तो उस दौर में किसी लड़की का मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का निर्णय, वह भी जनरल सर्जरी के क्षेत्र में। दूसरे, लड़कों के बीच अकेली छात्रा। प्रो. गोपाल बताती हैं कि डॉक्टर बनने का जुनून इस कदर था कि एमबीबीएस में एडमिशन के लिए पांच दिनों तक खाना-पीना छोड़ दिया।

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Womens Day 2019 story of india woman pediatric surgeon
saroj chudamani gopal - फोटो : self

फिर आगरा के मेडिकल कॉलेज में जनरल सर्जरी में दाखिला तो ले लिया लेकिन लड़कों के बीच अकेली लड़की होने की वजह से परेशानियां कदम-कदम पर थीं। लड़की होकर जनरल सर्जरी लेने पर प्रोफेसरों ने भी असहयोग ही किया लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। अपने अधिकार को पाने के लिए उन्होंने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाना पड़ा। इसके बाद जब वे सर्जन बन गई तब उनके पति डा. सिद्ध गोपाल ने भी उनका बहुत साथ निभाया।

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