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Children's Day: बनारस की ये लेडी डॉक्टर अपने नर्सिंग होम में बेटी के जन्म पर नहीं लेतीं फीस

Wed, 14 Nov 2018 05:46 PM IST
पूजा सिंह,अमर उजाला,वाराणसी
पूजा सिंह,अमर उजाला,वाराणसी Updated Wed, 14 Nov 2018 05:46 PM IST
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children's day 2018 bal diwas special an inspirational story of a lady doctor
shipra dhar - फोटो : facebook
 ‘मुंह मीठा कीजिए, नर्सिंग होम में बेटी ने जन्म लिया है..’ यह शब्द सुनने को मिलते हैं डॉ. शिप्रा धर से। वह बेटी के जन्म पर फीस नहीं लेती हैं और पूरे नर्सिंग होम में मिठाई बंटवाती हैं। बीएचयू से एमबीबीएस और एमडी कर चुकीं शिप्रा धर वाराणसी के पहाड़िया क्षेत्र में नर्सिंग होम चलाती हैं। आगे की स्लाइड्स में जानिए इनके बारे में...


 
children's day 2018 bal diwas special an inspirational story of a lady doctor
shipra dhar - फोटो : facebook
कन्या भ्रूण हत्या को रोकने और लड़कियों के जन्म को बढ़ाना देने के लिए वाराणसी के एक डॉक्टर दंपती भी उतर गए हैं। वे बच्ची के जन्म पर परिवार में फैली मायूसी को दूर करने के लिए नायाब मुहीम चला रहे हैं। इसके तहत उनके नर्सिंग होम में यदि कोई महिला बच्ची को जन्म देती है, तो उससे कोई डिलिवरी चार्ज नहीं लिया जाता।

 
children's day 2018 bal diwas special an inspirational story of a lady doctor
shipra dhar - फोटो : facebook
कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुरीतियों ने मन को विचलित किया तो डॉ. शिप्रा धर श्रीवास्तव ने इसे दूर करने के लिए और लोगों की सोच में बदलाव के लिए प्रयास शुरू किया। वह बताती है कि लोगों में बेटियों के प्रति नकारात्मक सोच अब भी है। ‘मैडम ई का कइलू, पेटवो चिरलू आउर बिटिया निकललु...’ जैसे उलाहना भरी बातें उन्हें कई बार सुनने को मिलीं। 
 
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children's day 2018 bal diwas special an inspirational story of a lady doctor
shipra dhar - फोटो : facebook
जब परिजनों को पता चलता है कि बेटी ने जन्म लिया है तो वह मायूस हो जाते हैं। गरीबी के कारण कई लोग तो रोने भी लगते हैं। इसी सोच को बदलने की वह कोशिश कर रही हैं, ताकि अबोध शिशु को लोग खुशी से अपनाएं। इसीलिए वह बेटी के जन्म पर फीस नहीं लेती हैं। बेड चार्ज भी नहीं लिया जाता। यदि ऑपरेशन करना पड़े तो वह भी मुफ्त है। अब तक 100 बेटियों के जन्म पर कोई चार्ज नहीं लिया गया है।
 
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shipra dhar - फोटो : अमर उजाला
डॉ शिप्राधर द्वारा उनके अस्पताल में बेटी पैदा होने पर कोई भी फीस न लेने की जानकारी होते ही मई में वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री खासे प्रभावित हुए थे।। पीएम ने बाद में मंच से अपने संबोधन में देश के सभी डॉक्टरों से आह्वान किया था कि वे हर महीने की नौ तारीख को जन्म लेने वाली बच्चियों के लिये कोई फीस ना लें। इससे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओं की मुहिम को बल मिलेगा।

 
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