11 हजार राम नाम दीजिए और रामलीला घर ले जाइए। आपके घर पहुंचेंगे रामलीला के प्रमुख 12 पात्रों के मुखौटे और साथ में लीला का कथानक भी। जी हां! चौंकने की जरूरत नहीं है। कोरोना संक्रमण के कारण अब रामलीलाओं को घर-घर पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। संकटमोचन के महंत परिवार के और बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. बीएन मिश्रा ने यह जिम्मेदारी उठाई है।
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मैनुअल के जरिए कर सकेंगे लीला का मंचन
रामलीला के इस सेट में श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, हनुमान, सुग्रीव, अंगद, रावण, विभीषण, मेघनाद, कुंभकर्ण आदि के मुखौटे होंगे। रामलीला के प्रमुख संवाद वाला मैनुुअल भी दिया जाएगा। लोग घरों में मुखौटे लगाकर पात्र बन सकेंगे और संवाद मैनुअल के जरिए मंचन भी कर पाएंगे।
लोकल फार वोकल को दे रहे हैं गति
प्रधानमंत्री के लोकल फार वोकल की तर्ज पर रामलीला के स्वरूपों के मुखौटों को मिट्टी के सांचे में कागज की लुगदी से तैयार किया जा रहा है। इसका जिम्मा प्रदेश के एकमात्र मुखौटा शिल्पी राजेंद्र श्रीवास्तव व उनकी टीम को मिला है। राजेंद्र श्रीवास्तव कठपुतली नृत्य कला के भी जानकार हैं।
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को देंगे भेंट
डॉ. मिश्रा ने बताया कि वह रामलीला के इन मुखौटों के सेट को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को भी भेजेंगे। हम इसके माध्यम से भगवान राम की लीला को व्यापक बनाने की तैयारी कर रहे हैं। कोरोना काल में रामलीला की परंपरा टूटने का जो संकट मंडरा रहा है वह काफी हद तक दूर हो सकता है।
विश्व के रामलीला कलाकारों को भी जाएगी मुखौटों की भेंट
दुनिया के कई देशों में राम की कथाएं अलग-अलग नाम से प्रचलित हैं। चीन में द बुश, जापान में होबोत्सुरा, थाईलैंड में राकियेन, म्यांमार में रामवस्तु, कंबोडिया में रामकेर, फिलीपींस में महारदिया लदाना, मलयेशिया में मलय रामायण, मंगोलिया में राजा जीवक, श्रीलंका में जानकीहरण और रूस में वाल्मीकी रामायण के नाम से राम कथाएं होती हैं। काशी घाटवॉक की ओर से इन सभी देशों के रामलीला कलाकारों को मुखौटे के सेट भेंट किए जाएंगे।
तुलसीदास सम्मान की राशि से बन रहे मुखौटे
डॉ. बीएन मिश्रा ने बताया कि रामचरित मानस की पांडुलिपियां कृति पर उन्हें गोस्वामी तुलसीदास सम्मान मिला था। उसकी जो सम्मान राशि ढाई लाख रुपये मिले हैं उन्हीं रुपयों से यह मुखौटे प्रदान किए जा रहे हैं। गोस्वामी तुलसीदास जी की ही यह प्रेरणा है जो हम लोगों ने घर-घर रामलीला पहुंचाने का संकल्प लिया है।