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तस्वीरों में देखें: जब थानेदार बनी किशोरियां तो बनारस के पुलिस थानों का कैसा रहा हाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Fri, 12 Oct 2018 10:18 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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किशोरियों ने कहा कि गर्ल्स कॉलेजों के आसपास एंटी रोमियो स्क्वॉड प्रभावी तरीके से काम करे। सभी थानों, चौकियों और महत्वपूर्ण स्थानों पर महिला हेल्पलाइन नंबर 1090 और सौ नंबर चस्पा कराया जाए। थाना परिसरों की सफाई पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए। पुलिस के प्रति झिझक खत्म हो। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर एसएसपी ने शहर के 15 थानों की कमान किशोरियों को सौंपने का निर्णय लिया।
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डॉ. शंभूनाथ सिंह शोध संस्थापन की मदद से 11 बजे 15 थानों पर 15 किशोरियां पहुंची और शाम चार बजे तक थानेदार उनके साथ सहयोगी की भूमिका में नजर आए। पांच घंटे के दौरान आई शिकायतों को किशोरी थानेदारों ने सुना और एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया। पुलिस टीम के साथ थाना क्षेत्र के गर्ल्स कॉलेज और भीड़भाड़ वाले स्थानों का निरीक्षण किया।
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पुलिस लाइन में किशोरियों को प्रमाण पत्र देते हुए एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा दिया है। उनसे प्रेरित होकर थानों की कमान बच्चियों को सौंपी गई थी। बच्चियां अपने परिजनों, पड़ोसियों और सहपाठियों को अपने अनुभव बताएंगी तो पुलिस के प्रति अच्छा संदेश जाएगा। इस दौरान एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ क्राइम स्नेहा तिवारी और शोध संस्थापन के राजीव कुमार सिंह व डॉ. रोली सिंह मौजूद रहे।
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दनियालपुर की स्वाती ने कहा कि यकीन ही नहीं हो रहा था कि पुलिस अंकल इतने अच्छे होते हैं। अब कोई शिकायत होगी तो पुलिस के पास बेझिझक जाएंगे। नदेसर क्षेत्र की संध्या ने कहा कि आगे चलकर वह भी पुलिस की नौकरी करेगी। पुलिस के प्रति हमारे बीच कई तरह की भ्रांतियां हैं। पहले और अब के समय में अंतर है।