{"_id":"5afc6cb04f1c1b165e8b4fba","slug":"varanasi-flyover-collapse-tragedy-due-to-this-reason","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"वाराणसी फ्लाईओवर हादसे का सामने आया कारण, इस कमी से गिरे बीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वाराणसी फ्लाईओवर हादसे का सामने आया कारण, इस कमी से गिरे बीम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 17 May 2018 02:53 PM IST
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में मंगलवार की शाम निर्माणाधीन फ्लाईओवर हादसे में 18 लोगों की जान चली गई। जबकि तीन दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। बुधवार को हादसे का कारण सामने आया। घटनास्थल पर पहुंचे इंजीनियर ने कमी की जानकारी दी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
उप्र सेतु निगम भले ही दावा कर रहा है कि हादसे के समय निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर काम नहीं हो रहा है लेकिन वहां काम चलने के साक्ष्य मौजूद हैं।
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
हादसे के दूसरे दिन घटनास्थल पर पहुंचे इंजीनियरिंग के जानकारों की मानें तो जैक और बेयरिंग में तालमेल नहीं होने से बीम गिरी हैं। बीम गिरने वाले स्थल पर गैस कटर मशीन की पाइप पड़ी है। पिलर के ऊपर जैक और हैंडल पड़े हैं। इसका मतलब है कि वहां कुछ हो रहा था। जिस तरह से बीम को रखा गया है, वह असंतुलन के बगैर नहीं गिर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
घटना स्थल के पास रेलवे कॉलोनी निवासी विश्वास चतुर्वेदी ने बताया कि घटना के पहले से पिलर पर मजदूर काम कर रहे थे। पहले पीछे वाला बीम गिरा, इसके बाद आगे वाला बीम गाड़ियों पर गिरा।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
सिगरा निवासी पीडब्ल्यूडी के रिटायर्ड इंजीनियर विनोद शुक्ला ने बताया कि पीछे वाला बीम बीच में टूटा है, जबकि आगे वाले बीम में कई जगहों पर दरार पड़ गई है। लग रहा है कि जैक से बीम को बेयरिंग में फिट किया जा रहा था। जैक घुमाने के दौरान एक तरफ का हिस्सा अधिक उठ गया और बीम का झुकाव जिस ओर था, उधर गुरुत्वाकर्षण के चलते बीम झुकी और नीचे गिर पड़ी। पीछे वाली बीम से आगे वाली बीम को धक्का लगा और वह नीचे वाहनों पर गिर पड़ी।