वाराणसी में गलन और शीतलहर का कहर जारी है। सोमवार की सुबह से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए। वहीं कोहरे के चलते सड़क पर गाड़ी चलाने में लोगों को काफी परेशानी हुई। वहीं ठंड को देखते हुए स्कूलों में भी छुट्टी कर दी गई है। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के चलते ट्रेन, बस और विमान संचालन पर भी काफी प्रभाव पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार पहाड़ों पर हुई बर्फबारी और वहां से आ रही पछुआ हवाओं के असर से ठंड में इजाफा हुआ है।
इसे भी पढ़ें; ध्यान दें: काशी में घाटों की ओर नहीं जाएंगी दूसरे जिलों की गाड़ियां, पार्किंग में खड़ी कराई जाएंगी गाड़ियां
2 of 5
varanasi weather
- फोटो : अमर उजाला
बनारस रविवार को काठमांडू और मनाली से भी ज्यादा ठंडा रहा और काफी हद तक 5000 फीट ऊंचाई पर बसे श्रीनगर जैसी ठिठुरन रही। आंकड़ों के अनुसार बनारस का अधिकतम तापमान सिर्फ 0.9 डिग्री ज्यादा रहा। रविवार को वाराणसी का अधिकतम पारा सामान्य से 9.2 डिग्री नीचे गिरकर केवल 13.5 डिग्री सेल्सियस ही दर्ज किया गया। वहीं मनाली का पारा 15 डिग्री, नेपाल की राजधानी काठमांडु का 16 डिग्री और श्रीनगर का 12.6 डिग्री सेल्सियस रहा।
3 of 5
varanasi weather
- फोटो : अमर उजाला
रविवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। जिले का न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि यह दिसंबर का अब तक आठवां सबसे कम तापमान रहा।
4 of 5
varanasi weather
- फोटो : अमर उजाला
वहीं 2019 के बाद पहली बार दिसंबर में इतना कम तापमान रिकॉर्ड किया गया। रविवार को वाराणसी प्रदेश का तीसरा सबसे ठंडा जिला रहा। अगले दो दिनों तक ठंडक इसी तरह बरकरार रहने की उम्मीद है, उसके बाद कोहरा बढ़ सकता है।
इसे भी पढ़ें; काशीवासियों ध्यान दें: नए साल पर भीड़ बढ़ी तो राजघाट पुल पर जारी होगा डायवर्जन, नहीं चलेंगी ये गाड़ियां
5 of 5
varanasi weather
- फोटो : अमर उजाला
ठंड और कोहरे में अस्पताल रहें पूरी तरह अलर्ट
जिले में शीतलहर और घने कोहरे के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य, वाराणसी मंडल डॉ. एनडी शर्मा ने मंडल के सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य इकाइयों को पूरी तरह अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पत्र जारी करते हुए कहा है कि ठंड के मौसम में मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और आपात स्थितियों से निपटने के लिए सभी स्वास्थ्य सेवाएं सुचारु और सक्रिय रखी जाएं। अपर निदेशक ने बताया कि हेल्थ डैशबोर्ड में वाराणसी मंडल की रैंकिंग प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। जिलेवार रैंकिंग में वाराणसी तीसरे, चंदौली 19वें, जौनपुर 20वें और गाजीपुर 62वें स्थान पर है। उन्होंने सभी सीएमओ को निर्देशित किया कि विशेषकर गाजीपुर जनपद आगामी 10 दिनों में अपने प्रदर्शन में सुधार कर प्रदेश की शीर्ष 10 रैंकिंग में स्थान सुनिश्चित करे।