वैलेंटाइन वीक में शादी रचाने सात समुंदर पार से आई प्रेमिका, मिली निराशा, जाने क्यों
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कहते हैं जब प्यार होता है तो दूरी और मजहब उसमें मायने नहीं रखता है। कुछ ऐसा हुआ इटली की फतरीका के साथ । फतरीका वेलेंटाइन वीक में शादी रचाने के लिए साढ़े छह हजार किलोमीटर की दूरी तय कर मऊ पहुंची। लेकिन यहां आकर उन्हें घोर निराशा मिली। आगे की स्लाइड में जाने क्या हुआ फतरीका के साथ-
इस प्रेम की शुरुआत तमिलनाडु से हुई। मऊ के श्वेतांक राय वहां की एक कंपनी में काम करते थे। अचानक फेसबुक पर सर्च करते हुए इटली की फतरीका से मुलाकात हुई। पहली ही नजर में वे एक दूसरे को दिल दे बैठे। फिर से चैटिंग से प्यार का सिलसिला शुरू हुआ जो करीब तीन साल तक चला।
प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि वह इटली से आकर श्वेतांक राय के साथ जीवनसाथी बनने के लिए बेताब हो उठी। श्वेतांक ने वर्ष 2016 में अपर जिलाधिकारी कार्यालय में अविवाहित प्रमाण पत्र के लिए अर्जी दी। करीब सात माह तक चक्कर काटने के बाद थाने से युवक के उत्तम चरित्र की रिपोर्ट लगा दी गई।
इसके बाद श्वेतांक राय रिपोर्ट लेकर अपर जिलाधिकारी के पास पहुंचे। अपर जिलाधिकारी ने उत्तम चरित्र की रिपोर्ट देखने के बाद एक बार फिर से पुलिस अधीक्षक से विवाहित या अविवाहित होने की रिपोर्ट मांग ली। इससे दोनों प्रेमी युगल काफी निराश हो गए। श्वेतांक ने कहा कि करीब सात महीन हो गए और हमें अभी तक प्रमाणपत्र नहीं मिला है ।
इटली की फतरीका फेरिना गुरुवार को अपने प्रेमी श्वेतांग राय के घर सूरजपुर पहुंच गई। शादी की अनुमति पाने के लिए वह अपने श्वेतांग के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम के सामने उपस्थित हुई। फतरीका ने बताया कि शादी के लिए उसने वैलेंटाइन वीक को चुना। इसके चलते वह इटली से चलकर सूरजपुर आपने प्रेमी के घर आई है। दूसरी तरफ उसके प्रेमी श्वेतांग ने बताया कि वह भी फतरीका फेरिना से प्यार करता है। एडीएम शिवकुमार शर्मा ने बताया कि सरकारी अधिवक्ता देवेश राय के जरिए श्वेतांग ने आवेदन किया है। इसमें श्वेतांग को कुंवारा होने का प्रमाण देना है।