प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) की शनिवार को दो पालियों में परीक्षा के दौरान यातायात व्यवस्था संभालने में वाराणसी प्रशासन पूरी तरह फेल रहा। शहर में अभ्यर्थियों की उमड़ी भीड़ से यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित रही। शहर के विभिन्न क्षेत्र जाम की चपेट में रहे। शाम के समय तकरीबन पूरे शहर में लगे जाम से लोग कराह उठे। इधर, रेलवे स्टेशनों और रोडवेज बस स्टेशन पर व्यवस्थाएं बेपटरी हो गईं। अभ्यर्थियों की भीड़ नियंत्रित करने के लिए बसों के अलावा रेलवे ने भी विशेष ट्रेनें चलाईं जो नाकाफी रही।
देर रात तक परीक्षार्थी बस स्टैंड पर परेशान दिखे। वे बस खड़ी होने के पहले ही सीट के लिए दौड़ पड़ रहे थे। सीट पर बैठने को लेकर मारामारी की स्थिति बनी थी। मलदहिया में शाम के समय सत्संग से छूटी भीड़ के चलते भी सामनेघाट, लंका और रामनगर जाम की चपेट में रहे।
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ट्रेन में चढ़ने के लिए आपाधापी
- फोटो : अमर उजाला
अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के मुकाबले बसों की संख्या कम पड़ गई। अभ्यर्थियों की भीड़ को नियंत्रित और उन्हें गंतव्य तक पहुंचाने के लिए रोडवेज को अतिरिक्त बसों का संचालन करना पड़ा। जिस रूट पर अभ्यर्थी उमड़े, उस रूट पर बसें चलाई गईं।
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ट्रेन में चढ़ने के लिए आपाधापी
- फोटो : अमर उजाला
बस के आते ही यात्री खिड़की से भी सीट पर कब्जा करने में लगे रहे। दोपहर से लेकर देर शाम तक कैंट, अंधरापुल, चौकाघाट, सामनेघाट, लंका में भीषण जाम रहा। इससे राहगीरों और बीएचयू के मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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वाराणशी कैंट स्टेशन पर भीड़
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एडीसीपी ट्रैफिक डीके पुरी के अनुसार अत्यधिक दबाव के चलते कुछ इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। वहीं, सत्संग से छूटी भीड़ के चलते सामनेघाट, लंका में जाम लगा था, जिन्हें ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने नियंत्रण में किया।
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कैंट स्टेशन के बाहर भीड़
- फोटो : अमर उजाला
पहली पाली की परीक्षा दोपहर 12 बजे छूटने के घंटे भर बाद ही कैंट और बनारस रेलवे स्टेशन पर परीक्षार्थियों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। वाराणसी स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर गोरखपुर जाने के लिए आई ट्रेन में बैठने के लिए हर कोई दौड़ पड़ा। एसी और स्लीपर कोच की भी हालत जनरल कोच की तरह हो गई थी।