नोनहरा थाना क्षेत्र के चककमरौरा गांव में राजस्व और पुलिस टीम पर हमले और लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ में मंगई नदी में डूबे निजी ट्रैक्टर चालक रामबाबू (22) का शव तीसरे दिन शुक्रवार की सुबह सम्मनपुर गांव के गेट के पास उतराया मिला। आक्रोशित ग्रामीणों ने नदी से शव नहीं निकालने दिया और सुबह सात बजे से अलावलपुर- नोनहरा मार्ग को जाम कर दिया।
यूपी: 36 घंटे बाद मिली ट्रैक्टर चालक की लाश, ग्रामीणों ने पुलिस को निकालने से रोका; नौ घंटे तक पानी में रहा शव
गाजीपुर में मंगई नदी में 36 घंटे बाद ट्रैक्टर चालक का शव उतराया मिला। ग्रामीणों ने शव निकालने से पुलिस को रोक दिया और नौ घंटे तक शव पानी में रहा। सुबह सात बजे आक्रोशित ग्रामीणों ने अलावलपुर-नोनहरा मार्ग जाम कर दिया। चार लाख रुपये, प्राथमिकी वापसी और संविदा पर नौकरी समेत चार मांगों पर आश्वासन मिलने के बाद शाम चार बजे जाम समाप्त हुआ।
चककमरौरा गांव निवासी अरुण कुमार ने आरोप लगाते हुए बताया कि बीते सात अक्तूबर को भूमि पैमाइश के दौरान दो पक्षों में हुए कहासुनी के बाद विवाद इतना बढ़ गया कि ईंट- पत्थर व लाठी व रॉड के हमले से उपनिरीक्षक सहित पांच लोग घायल हो गए थे। इधर, पुलिस के लाठीचार्ज के दौरान हुई भगदड़ के दौरान भाग रहे दो युवक नदी में कूद गए थे। एक युवक को पुलिस ने पकड़ लिया था, जबकि बड़े भाई रामबाबू नदी में डूब गए थे।
दूसरे दिन बीते आठ अक्तूबर को एनडीआरएफ की टीम ने युवक की तलाश की, लेकिन पता नहीं चल सका था। तीसरे दिन सुबह पांच बजे सम्मन गांव के मुख्य गेट के 100 मीटर दूर उतराया मिला। ग्रामीणों ने पानी से पुलिस को शव बाहर नहीं निकालने दिया। इधर, शव नदी में उतराया मिलने की जानकारी मिलते ही ग्रामीण और आसपास के गांव के लोग भी घटना स्थल पर पहुंच गए।
सुबह सात बजे आक्रोशित ग्रामीण अलावलपुर-नोनहरा मार्ग को जाम कर दिया। देखते ही देखते ग्रामीणों की भीड़ बढ़ गई। जानकारी मिलते ही एडीएम वेद सिंह चौहान और एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर मौके पर पहुंच गए, लेकिन परिजन और ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
मृतक के पिता चंद्रमा राम ने बताया कि एडीएम और एएसपी ग्रामीण ने 54 लोगों पर दर्ज प्राथमिकी वापस लेने, पोस्टमार्टम के दौरान चार लाख रुपये नकदी देने, संविदा पर एक सदस्यों को नौकरी दिलाने, सीएम राहत कोष से सहायता दिलाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद दोषी राजस्व व पुलिस कर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने के आश्वासन पर शाम चार बजे धरना समाप्त हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के परिवार के एक सदस्य को नौकरी, दैवी आपदा से आर्थिक मदद सहित चार मांगों को पूरा करने के आश्वासन पर जाम समाप्त हो गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी। - वेद सिंह चौहान, एडीएम गाजीपुर
एक दर्जन गांव के ग्रामीण ने दिया धरना, जमकर हुई नोकझोंक
निजी वाहन चालक का शव मिलने की जानकारी होते ही आसपास के सटे गांव के ग्रामीण घटना स्थल पर पहुंचने लगे। सुबह सात बजे तक देखते ही देखते चककमरौरा, गौरा, गठईया, रसूलपुर, सोनबरसा, सम्मनपुर, सवना, बरारा और नोनहरा सहित एक दर्जन के करीब 2000 से अधिक ग्रामीण पहुंच गए। इधर, पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया था। इस दौरान पुलिस के उच्चाधिकारियों में कार्रवाई को लेकर जमकर नोकझोंक और कहासुनी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि जब भूमि पर स्टे था तो आखिरकार पुलिस टीम उस भूमि की पैमाइश के लिए क्यों गई थी। हालांकि एएसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
नगीना के सांसद चंद्रशेखरशेखर आजाद ने परिजनों वीडियो कॉल पर किया बात
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सांसद चंद्रशेखर शेखर आजाद ने मृतक के परिजनों से वीडियो कॉल पर बात की। परिजनों से घटना की पूरी जानकारी ली। इस दौरान उन्हें ग्रामीणों ने बताया कि जिलाधिकारी द्वारा गुंडा एक्ट और जिला बदर जैसी कार्रवाई की बात की है। इस पर उन्होंने परिजनों को आश्वासन दिया कि वह इस पूरे मामले पर जिलाधिकारी से बात करेंगे। साथ ही परिजनों को आश्वासन दिया कि वह न्याय के लिए हर कदम उनके साथ खड़े हैं।