बसंत पंचमी की तिथि पर गुरुवार को बाबा विश्वनाथ के तिलक का उत्सव टेढ़ीनीम स्थित विश्वनाथ मंदिर के महंत आवास पर आरंभ हुआ। भोर में चार से साढ़े चार बजे तक बाबा विश्वनाथ की पंचबदन रजत मूर्ति की मंगला आरती उतारी गई। प्रात: छह से आठ बजे तक ब्राह्मणों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं के पाठ के साथ बाबा का दुग्धाभिषेक किया गया। सुबह 8:15 बजे से बाबा को फलाहार का भोग अर्पित किया गया उसके उपरांत पांच वैदिक ब्राह्मणों ने पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में पांच प्रकार के फलों के रस से 8:30 से 11:30 बजे तक रुद्राभिषेक किया।
PHOTOS: बसंत पंचमी पर बाबा विश्वनाथ का हुआ तिलक, मंगल गीत के साथ दूल्हा बने बाबा, देखिए अद्भुत स्वरूप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: किरन रौतेला
Updated Fri, 27 Jan 2023 08:18 AM IST
सार
प्रात: छह से आठ बजे तक ब्राह्मणों द्वारा चारों वेदों की ऋचाओं के पाठ के साथ बाबा का दुग्धाभिषेक किया गया। सुबह 8:15 बजे से बाबा को फलाहार का भोग अर्पित किया गया उसके उपरांत पांच वैदिक ब्राह्मणों ने पं. सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में पांच प्रकार के फलों के रस से 8:30 से 11:30 बजे तक रुद्राभिषेक किया । पूर्वाह्न 11:45 बजे पुन: बाबा को स्नान कराया गया। 12:00 से 12:30 बजे तक मध्याह्न भोग अर्पण आरती अंकशास्त्री पं. वाचस्पति तिवारी ने कराई।
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