{"_id":"5bd6cff5bdec22697879bdcf","slug":"student-union-election-in-kashi-vidyapith-gangapur-campus-amazing-photos-during-poll","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"छात्रसंघ चुनावः वोट के खातिर जमीन में लोट गए नेता जी, तस्वीरों में देखें गजब नजारे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छात्रसंघ चुनावः वोट के खातिर जमीन में लोट गए नेता जी, तस्वीरों में देखें गजब नजारे
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 30 Oct 2018 10:16 AM IST
विज्ञापन
varanasi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बनारस में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के डॉ. विभूति नारायण सिंह गंगापुर परिसर में सोमवार को छात्रसंघ चुनाव के लिए मतदान हुआ। दो परिसर प्रतिनिधि के पद पर निशांत सिंह और रवि कुमार ने कब्जा जमाया। सोमवार को सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हुई वोटिंग में 38.64 फीसदी मत पड़े। आगे की स्लाइड्स में देखें...
varanasi
गंगापुर परिसर में चुनाव के दौरान प्रत्याशी और उनके समर्थकों द्वारा वोट मांगने का तरीका कुछ अलग ही नजर आया। मतदाताओं के पैर पकड़कर प्रत्याशी और उनके समर्थक वोट मांगते दिखाई दिए। छात्रसंघ चुनाव में छात्रों के उत्साह के आगे चुनाव आचार संहिता की जमकर धज्जियां उड़ाई गईं। प्रत्याशियों के समर्थक प्रिंटेड कार्ड, हैंडबिल व पैम्फलेट हवा में उड़ाते हुए नारेबाजी की।
varanasi
एमकॉम के निशांत सिंह ने सर्वाधिक 744 वोट से जीत हासिल की तो बीए तृतीय वर्ष के रवि कुमार 591 वोट से विजेता रहे। अन्य दो प्रत्याशियों में अभिषेक कुमार को 447 और राम दयाल प्रजापति को 76 वोट मिले।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : amar ujala
सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक हुए मतदान में प्रत्याशियों ने मतदाताओं को रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कोई मतदाताओं के पैर पर गिर गया तो किसी ने जमीन में लोटकर वोट मांगा। कमोवेश यही सिलसिला पूरे मतदान के दौरान देखने को मिला। कुल 3165 वोटराें में 1223 वोट पड़े।
विज्ञापन
vote
इसमें छात्रों की संख्या 840 रही तो 383 छात्राआें ने अपने मत का इस्तेमाल किया। 39 मतदाताओं ने नोटा का बटन दबाया तो सात वोट अवैध पड़े। चुनाव अधिकारी प्रो. बंशीधर पांडेय व परिसर के निदेशक प्रो. शंभु उपाध्याय की देखरेख में मतदान हुआ। दोपहर तीन बजे के बाद मतगणना शुरू हुई। महज आधे घंटे से भी कम समय में परिणाम सामने था।