फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एसपी बालासुब्रमण्यम की संकटमोचन के दरबार में गाने की इच्छा रह गई अधूरी, अस्सी घाट पर सजाई थी संगीतांजलि

Fri, 25 Sep 2020 07:31 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Fri, 25 Sep 2020 07:31 PM IST
विज्ञापन
SP Balasubramanian's desire to sing in the festival of Sankatmochan remained unfulfilled
एसपी बालासुब्रमण्यम द्वारा स्थापित शिवलिंग - फोटो : अमर उजाला

पद्मश्री एसपी बालासुब्रमण्यम की संकटमोचन दरबार में गाने की इच्छा अधूरी रह गई। शुक्रवार को कोरोना से उनके निधन की सूचना मिलते ही उनके प्रशंसकों और दक्षिण भारतीय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई।



डॉ. प्रीतेश आचार्य ने बताया कि एसपी बालासुब्रमण्यम काशी में 13 अगस्त 2017 को अस्सी घाट पर सुबह-ए- बनारस के आयोजन में शामिल हुए थे। प्रख्यात ड्रम वादक शिवमणि ने उनके सुरों के साथ मनोहारी संगत की थी।

SP Balasubramanian's desire to sing in the festival of Sankatmochan remained unfulfilled
शिवलिंग स्थापना के बाद पुजारी व परिजनों के साथ एसपी बालासुब्रमण्यम - फोटो : अमर उजाला

बटुकों संग आरती करने के बाद उन्होंने यज्ञ में भी हिस्सा लिया था। संगीत का जब मंच सजा तो उन्होंने संगीत रसिकों के अंतर्मन को तृप्त कर दिया था। राग अहिर भैरव में आदि ताल में निबद्ध शिव स्तुति का गान उनके मुख से अद्भुत था। ओम नम: शिवाय, गंगा तरंग रमणीय जटा कलापम्...के बाद जब उन्होंने विराम लिया तो पूरा मंच हर-हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा।

उन्होंने आयोजकों से दोबारा इस मंच पर प्रस्तुति देने का वायदा किया था। चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चल्ला सुब्बा राव शास्त्री ने बताया कि एसपी बालसुब्रमण्यम संकटमोचन के दरबार में भी संगीतांजलि देना चाहते थे लेकिन उनकी यह इच्छा अधूरी रह गई।

SP Balasubramanian's desire to sing in the festival of Sankatmochan remained unfulfilled
पुजारियों के साथ एसपी बालासुब्रमण्यम के परिजन - फोटो : अमर उजाला

चिंतामणि गणेश मंदिर में स्थापित किया था शिवलिंग

चिंतामणि गणेश मंदिर से एसपी बालसुब्रमण्यम का पुराना नाता था। उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान ही शिवलिंग की स्थापना की थी। आयोजन के दौरान मंदिर में ही दक्षिण भारतीय समुदाय के लोगों के साथ उन्होंने काफी तस्वीरें खिंचवाई थीं। उनके द्वारा स्थापित शिवलिंग की पूजा आज भी होती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
SP Balasubramanian's desire to sing in the festival of Sankatmochan remained unfulfilled
परिजनों के साथ एसपी बालासुब्रमण्यम व पुजारी - फोटो : अमर उजाला

अगस्त 2017 में काशी प्रवास के दौरान एसपी बालासुब्रमण्यम ने सपरिवार श्री काशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इसके उपरांत उन्होंने शिवलिंग की स्थापना की थी। मंदिर के महंत चल्ला सुब्बाराव ने बताया कि काशी में शिवलिंग की स्थापना करना उनकी पुरानी इच्छा थी। काशी प्रवास के दौरान उन्होंने अपनी इच्छा भी पूरी की और इस दौरान मंदिर में सपत्नीक तीन दिनों तक रहे और मंदिर में शिवलिंग की जो स्थापना की उसकी पूजा आज भी की जाती है।

विज्ञापन
SP Balasubramanian's desire to sing in the festival of Sankatmochan remained unfulfilled
एसपी बालासुब्रमण्यम व परिजन - फोटो : अमर उजाला
शिवलिंग की स्थापना के समय पत्नी सावित्री सुब्रह्मण्यम और मंदिर के महंत चल्ला सुब्बाराव व उनकी पत्नी सी बाला सूर्यमणि के साथ उन्होंने तस्वीरें भी खिंचवाई थीं। उन्होंने इस दौरान वायदा किया था कि इस बार वह पारिवारिक काम से काशी आए हैं अगली बार जब आएंगे तो मंदिर में प्रस्तुतियां भी देंगे।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed