महाशिवरात्रि पर शुक्रवार को काशी का हर कोना शिवमय हो गया। देश के कोने-कोने से आस्थावानों का कारवां बाबा दरबार की ओर उमड़ा। सुबह 10 बजे तक एक लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर लिए थे।
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Mahashivaratri in varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मंगला आरती के बाद भोर में जलाभिषेक के साथ रात तीन बजकर 20 मिनट से दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरु हुआ। इससे पहले रात करीब 11 बजे छत्ताद्वार से श्रद्धालुओं की कतार लग गई थी। इन भक्तों को छह घंटे इंतजार करना पड़ा।
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महाशिवरात्रि को देखते हुए चाक-चौबंद तैयारियां की गई हैं। गोदौलिया से मैदागिन के बीच वीआईपी वाहनों की भी आमदरफ्त प्रतिबंधित कर दी गई है। दो पहिया वाहन भी इस मार्ग पर नहीं चलेंगे।
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रात 12 बजे से ही दशाश्वमेध-गिरजाघर, सोनारपुरा-चौक मार्ग पर यातायात रोक दिया गया। बाबा विश्वनाथ के मुक्तांगन को रंग-बिरंगे फूलों से देर रात सजाया गया। चितरंजन पार्क से लेकर दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ रात में ही लग गई।
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गंगा स्नान के साथ ही भक्त बाबा के दरबार में दर्शन के लिए कतारबद्ध होने लगे। रात 2:15 से 3:15 बजे तक मंगला आरती के बाद भोर में श्रद्धालुओं के लिए पट खोल दिए गए और जलाभिषेक आरंभ हो गया।