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दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए धरने पर बैठे सपाई, पुलिस पहले ही कर चुकी है सनसनीखेज खुलासा
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Mon, 10 Dec 2018 05:09 PM IST
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यूपी के आजमगढ़ जिले में बीते माह दुष्कर्म की शिकार हुई शिक्षिका को न्याय दिलाने के लिए सपा कार्यकर्ताओं ने रानी की सराय थाने का घेराव किया और धरने पर बैठ गए। 16 नंवबर को घटी इस घटना का पुलिस पहले ही खुलासा कर चुकी है। पुलिस के सनसनीखेज खुलासे के बाद पीड़िता के परिजनों ने बबाल काटा था। इस कांड के खुलासे के बाद सपा ने पुलिस पर ही सवाल खड़े कर दिए। कुछ दिन पहले अखिलेश यादव के नुमाइंदों ने पीड़िता से मुलाकात भी की थी। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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शिक्षिका के साथ गैंगरेप मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सोमवार को पीड़िता के साथ रानी की सराय थाने के सामने धरने पर बैठ गए। सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव, विधायक दुर्गा यादव, आदिल शेख, आलमबदी ने पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप लगाया। पार्टी के दिग्गज नेता और भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल रहे। सपा नेताओं ने अपने भाषण में पुलिस पर कई गंभीर आरोप लगाए। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रही।
यह प्रकरण काफी सुर्खियों में रहा था। बता दें कि 18 नवंबर को रानी की सराय थाने में क्षेत्र की ही एक विवाहिता ने तहरीर दी कि 16 नवंबर को स्कूल से लौटते वक्त स्कार्पियो सवार युवकों ने अगवा कर लिया और दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देने के बाद गाड़ी से उतार दिया। उन लोगों ने वीडियो भी बनाया था। वारदात की जानकारी किसी को देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी भी दी थी।
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मुकदमा दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए भेजा। करीब एक हफ्ते बाद इस मामले में पुलिस ने जो खुलासा किया वो काफी हैरान करने वाला था। पुलिस के मुताबिक, शिक्षिका ने फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। दिव्यांग पति से छुटकारे के लिए उसने दुष्कर्म की कहानी गढ़ी थी। पुलिस के इस खुलासे पर युवती के परिजनों और रिश्तेदारों ने काफी हंगामा किया था। मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया था।
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शिक्षिका के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना के खुलासे के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी के निर्देश पर अधिकारी लगे थे। महिला के आरोपों के मुताबिक, जिस स्कार्पियों में वारदात को अंजाम दिया गया था उस पर एक पार्टी का झंडा लगा था। पुलिस के मुताबिक, जिला महिला अस्पताल की डॉक्टर ने बलात्कार न होने की रिपोर्ट दी थी। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता ने पूछताछ के दौरान बताया था कि उसकी शादी एक मूकबधिर से कर दी गई है। इससे छुटकारा पाने के लिए उसने यह झूठी कहानी रची थी।