मिर्जापुर के चुनार के सक्तेशगढ़ स्थित स्वामी अड़गड़ानंद के परमहंस आश्रम में बृहस्पतिवार को आशीष बाबा (30) को गोली मारकर घायल करने के बाद खुद को गोली मारकर जान देने वाला जीवन बाबा उर्फ जीत (45) हत्या के आरोप में जब जेल में बंद था, उस समय परिवार के लोग उससे मिलने जाते थे। जीवन के भाई भीम ने बताया कि जिस दिन वह जेल से दीवार फांद कर भागा था, उसके दो दिन पहले मां शकुंतला उससे मिलने गई थी।
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आश्रम में गोलीबारी: 20 साल से जीवन बाबा से नहीं मिला था परिवार, मां से कहा था-अब जेल में मिलने मत आना
Sat, 30 Jul 2022 12:08 PM IST
शाहरुख खान
संवाद न्यूज एजेंसी, मिर्जापुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मिर्जापुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 30 Jul 2022 12:08 PM IST
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सक्तेशगढ़ आश्रम में घटी थी घटना
- फोटो : अमर उजाला
जीवन बाबा
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद बृहस्पतिवार को पुलिस से सूचना मिली कि उसने गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। यहां आने पर जब पोस्टमार्टम हाउस में उसका चेहरा देखा तो पहचान नहीं पाए। 20 वर्ष के बाद शुक्रवार को उसका चेहरा देखा। इस बीच वह कहां था। इस बारे में परिवार के किसी सदस्य को जानकारी नहीं है।
जीवन बाबा का भाई
- फोटो : अमर उजाला
जीवन बाबा के हैं चार भाई
जीवन बाबा उर्फ जीत उर्फ जितेंद्र वैश के चार भाई हैं। सबसे बड़ा भाई धर्मेंद्र सिपाही है। उसे पिता के मरने के बाद नौकरी मिल गई। 2004 में पिता सीताराम की मौत होने के बाद अनुकंपा के आधार पर धर्मेंद्र को नौकरी मिली 2007 वह सिपाही बना। धर्मेंद्र को एक पुत्र और एक पुत्री है।
जीवन बाबा उर्फ जीत उर्फ जितेंद्र वैश के चार भाई हैं। सबसे बड़ा भाई धर्मेंद्र सिपाही है। उसे पिता के मरने के बाद नौकरी मिल गई। 2004 में पिता सीताराम की मौत होने के बाद अनुकंपा के आधार पर धर्मेंद्र को नौकरी मिली 2007 वह सिपाही बना। धर्मेंद्र को एक पुत्र और एक पुत्री है।
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सक्तेशगढ़ आश्रम के बाहर मिर्जापुर एसपी समेत अन्य अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
इसके बाद जीवन बाबा था। जीवन बाबा ने शादी नहीं की थी। तीसरे नंबर पर राजेंद्र है। जो दिव्यांग है। पिता के बाद 2007 में माता का निधन होने पर पेंशन के सहारे जी रहा है। चौथे नंबर पर भीम है। जिसे दो पुत्र है। भीम अध्यापक है। जो करैरा में एक वर्ष पूर्व स्कूल का संचालन शुरु किया। पांचवे नंबर पर अर्जुन है। जो पंचायत सेक्रेटरी है। उसे दो पुत्री है।
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मिर्जापुर एसपी संतोष कुमार मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
चुनार पुलिस परिवार के संपर्क में थी
सात माह पहले जब जीवन बाबा ने आशीष बाबा और विपिन पर खौलता तेल फेंका था तो पुलिस ने उस पर मुकदमा दर्ज किया था। छानबीन करते हुए पुलिस उसके घर शिवपुरी के छितरी गांव पहुंची थी। उसी दौरान संबंधित थानों में एक बार फिर जीवन बाबा की चर्चा शुरू हुई।
सात माह पहले जब जीवन बाबा ने आशीष बाबा और विपिन पर खौलता तेल फेंका था तो पुलिस ने उस पर मुकदमा दर्ज किया था। छानबीन करते हुए पुलिस उसके घर शिवपुरी के छितरी गांव पहुंची थी। उसी दौरान संबंधित थानों में एक बार फिर जीवन बाबा की चर्चा शुरू हुई।