सीय चलत ब्याकुल पुरबासी। होहिं सगुन सुभ मंगल रासी॥ भूसुर सचिव समेत समाजा। संग चले पहुँचावन राजा... अर्थात सीताजी के चलते समय जनकपुरवासी व्याकुल हो गए। मंगल की राशि शुभ शकुन हो रहे हैं। ब्राह्मण और मंत्रियों के समाज सहित राजा जनकजी उन्हें पहुंचाने के लिए साथ चले।
रामनगर की रामलीला: जनकपुर से बरात विदाई, गूंजा जय सियाराम...; परिछन और शयन झांकी ने मोहा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Sun, 14 Sep 2025 05:51 AM IST
सार
रामनगर की रामलीला के मंचन के दाैरान विदेशी भी यहां पहुंचे हुए थे। राजा जनक के आग्रह पर महाराज दशरथ चारों युवराजों संग खिचड़ी खाने बैठे तो पूरा क्षेत्र जय सियाराम... के उद्घोष से गूंज उठा।
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