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आंखों में आंसू लिए अवधेश के साथ चल पड़ा पूरा गांव, बूढ़े पिता ने दी शहीद बेटे को मुखाग्नि 

Mon, 18 Feb 2019 10:17 AM IST
Ravi Mishra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली Published by: Ravi Mishra Updated Mon, 18 Feb 2019 10:17 AM IST
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Pulwama attack martyred awdesh yadav
awdesh yadav - फोटो : amar ujala
देश रो रहा है जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में जवानों पर हुए सबसे बड़े आतंकी हमले पर। गुरुवार को इस हमले में देश ने 40 जवानों को खो दिया है। वहीं कई जवान गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस हमले में बनारस और चंदौली के दो जवान शहीद हो गए है। चंदौली के बहादुर शहीद अवधेश का पार्थिव शरीर शनिवार सुबह आठ बजे उनके पैतृक गृह पहुंचा। आगे की स्लाइड्स देखें...


Pulwama attack martyred awdesh yadav
- फोटो : amar ujala

शनिवार सुबह जब शहीद जवानों का शव वाराणसी के मोहनसराय पहुंचा तो स्थानीय लोगों ने भारत माता की जय व वंदे मातरम के नारे लगाकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। लोग भोर से ही शहीदों के आने का इंतजार कर रहे थें। सीआरपीएफ के जवान अवधेश यादव का शव अपने वाहन में लेकर चंदौली के बहादुरपुर रवाना हो गए।

Pulwama attack martyred awdesh yadav
awdesh yadav - फोटो : amar ujala

शहीद अवधेश के काफिले के आगे और पीछे लोगों का हुजूम चल रहा था। सभी एक स्वर में 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम्', 'अवधेश भैया अमर रहें' के नारे लगा रहे थें। शहीद का शव घर पहुंचते ही रुंदन ध्वनि से पूरा बहादुरपुर गूंज उठा। अवधेश की पत्नी शिल्पी यादव शव से लिपट गई। आसपास खड़े लोगों ने उन्हें संभाला। 

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Pulwama attack martyred awdesh yadav
awdesh yadav - फोटो : amar ujala
इसके बाद जब शहीद की शव यात्रा पूरे राजकीय सम्मान के साथ निकली तो एक काफिला ही बन गया। हर कोई शहीद अवधेश के अंतिम सफर में उनके पीछे हो लिया। यह शव यात्रा बहादुरपुर के श्मशान घाट पर जा कर खत्म हुई। शवयात्रा तो खत्म हो गई लेकिन लोगों द्वार नारा लगाने का सिलसिला चलता ही रहा। वहां पर अंत्येष्टि को पूरी विधि के साथ संपन्न कराने के इंतजाम प्रशासन ने पहले से ही किए हुए थे। 
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Pulwama attack martyred awdesh yadav
- फोटो : amar ujala
हरिकेश यादव अपने जिगर के टुकड़े अवधेश को नम आंखों के साथ मुखाग्नि दिए। इस दौरान हर किसी की आंखों से आंसू निकल पड़े, लेकिन लोगों का हौसला बढ़ता गया और अवधेश यादव अमर रहें के गूंज की ध्वनि दोगुनी हो गई। 
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