बीएचयू में लंका गेट पर महिला पुलिसकर्मियों की अनुपस्थिति में छात्राओं पर लाठीचार्ज किया गया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए हैं। बीएचयू और जिला प्रशासन छात्रों को पीछे हटाने में सारी हदें पार कर चुका है।
छात्रों की बेरहमी से पिटाई
छात्रावासों के सामने पुलिस ने रबर फायरिंग की। बीएचयू के हर प्रवेश द्वार पर पुलिस का कब्जा है, छितुपुर और सीर गेट पर छात्रों को पकड़कर मारा जा रहा है। छात्रावासों की बिजली तक काट दी गयी है
वाहनों में लगाई आग
एलबीएस हॉस्टल के पास छात्रों ने कुलपति की हठवादिता के खिलाफ पीएम मोदी की होर्डिंग्स में आग लगा दी। एक सुरक्षाकर्मी की स्कूटी भी फूंक दी गई। उधर, घटना की सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने छात्रों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और 18 राउंड हवाई फायरिंग भी की।
आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग की
पुलिस ने लाठीचार्ज करने के साथ ही आंसू गैस के गोले छोड़े और हवाई फायरिंग भी की। आरोप है कि छात्रों की ओर से भी हवाई फायरिंग की गई। इस घटना के बाद पूरा कैंपस पुलिस छावनी में तब्दील हो गया है।
तीन सुरक्षागार्ड और सात छात्र घायल
छात्रों के उपद्रव के दौरान एसपी सिटी, एसओ लोहता समेत तीन पुलिसकर्मी और बीएचयू के तीन सुरक्षागार्ड, सात छात्र घायल हुए। देर रात पुलिस लाइन से एक हजार पुलिस वालों को बीएचयू बुला लिया गया। रात करीब दस बजे तक सब सामान्य चल रहा था लेकिन मामला तब बिगड़ा जब छात्र कुलपति आवास पर उनसे मिलने गए थे।