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वाराणसी में चलेंगी पॉड टैक्सी, मेट्रो की तुलना में होगी काफी सस्ती, जानिए इसकी खूबियां
Sun, 17 Dec 2017 01:48 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,ग्रेटर नोएडा/वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,ग्रेटर नोएडा/वाराणसी
Updated Sun, 17 Dec 2017 01:48 PM IST
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वाराणसी में मेट्रो रेल चलने से पहले आपको पॉड टैक्सी या मैटरिनो के सफर का आनंद मिल सकता है। किफायती, फिजिबल और गलियों में चल सकने वाली यह अत्याधुनिक परिवहन सुविधा वाराणसी के लिए उपयुक्त मानी जा रही है। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल देश में पांच स्थानों पर पॉड टैक्सी चलाने की तैयारी चल रही है। मेट्रो से करीब एक तिहाई कीमत पर चलने वाले इस ट्रांसपोर्ट के लिए नीति आयोग ने देशभर में पिछले वर्ष जून में प्रस्ताव दिया था।
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जल्द ही इसका अध्ययन शुरू कराया जाएगा। यमुना प्राधिकरण इसके लिए ग्लोबल टेंडर निकालकर सर्वे करने वाली कंपनियों को आमंत्रित करेगा। पॉड टैक्सी या मेटरिनो बिजली या चार्ज होने वाली बैट्री से चलती हैं। इसमें ड्राइवर की जरूरत नहीं पड़ती। तय स्टेशन आते ही टैक्सी रुक जाती है और इसका दरवाजा खुल जाता है। कुछ पॉड टैक्सी में बैठने के बाद यात्रियों को ‘टचस्क्रीन’ पर केवल गंतव्य का नाम लिखना होता है। पॉड टैक्सी में चार से छह लोग बैठ सकते हैं।
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पॉड टैक्सी या मेटरिनो दो तरह की होती है। ट्रैक रूट पर चलने वाली और केबिल के सहारे हैंगिंग पॉड। यह जाम मुक्त परिवहन का बेहतर विकल्प है। देश की पहली पॉड टैक्सी मानेसर से दिल्ली के धौलाकुआं के बीच चलाया जाना प्रस्तावित है। पॉड टैक्सी शहर के किसी भी कोने तक पहुंच सकती है। दोनों ही साधनों की औसत रफ्तार करीब 100 किलोमीटर है।
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पॉड टैक्सी या मैटरिनो के प्रत्येक किलोमीटर की लागत करीब 50 करोड़ रुपये है। मेट्रो और पीआरटी की लागत में काफी ज्यादा अंतर है। कई देशों में मेट्रो के बजाय अब पॉड टैक्सी या मैटरिनो को तरजीह दी जा रही है। ट्रांसपोर्ट का यह साधन लोगों को पसंद आएगा।
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