{"_id":"5a34ee9b4f1c1b7a548c35ba","slug":"five-years-complete-nirbhaya-kand-promise-not-fulfilled","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पांच साल बाद भी निर्भया के गांव में वही दर्द, वादों के लेकर ग्रामीणों का यह है कहना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच साल बाद भी निर्भया के गांव में वही दर्द, वादों के लेकर ग्रामीणों का यह है कहना
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Sat, 16 Dec 2017 03:46 PM IST
विज्ञापन
nirbhaya
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले निर्भया कांड को आज पांच साल हो गए। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित निर्भया के गांव में आज भी लोग दिल्ली में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की बात को याद कर कांप उठते हैं। गांव के लोगों का कहना है कि हम उस दर्द को कभी नहीं भूल सकते, जो निर्भया ने सहन किया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
nirbhaya
- फोटो : SELF
ग्रामीणों का कहना है कि इस घटना के बाद सरकार और प्रशासन ने तमाम वादे किए लेकिन कोई भी वादा जमीन पर नहीं उतर सका। उसके माता-पिता ने बहुत साहस दिखाया। उनके संघर्ष के बाद जब गांव में लड़कियों के लिए स्कूल की बात हुई तो हमें काफी राहत मिली लेकिन सरकार की ओर से अब तक इसके लिए कुछ भी नहीं किया गया।
nirbhaya
गांव की लड़कियों को सबसे करीब के स्कूल जाने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव निर्भया के अंतिम संस्कार में शामिल हुए थे। अखिलेश यादव ने सरकारी मदद देने के प्रस्ताव के साथ ही यह वादा किया कि वह गांव में एक अस्पताल और इंटर कॉलेज बनवाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
er
निर्भया के दादा लालजी सिंह ने बताया कि अखिलेश ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, एक इंटर कॉलेज और उनके परिवार के चार सदस्यों को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन कई कामों को अभी तक पूरा नहीं किया गया। स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हो गया लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं है, जिसकी वजह से स्वास्थ्य केंद्र किसी काम का नहीं है। वहां पर ज्यादातर ताला लटकता रहता है। गांव को जाने वाली सड़क भी कई बार बनी लेकिन आज तक उसके गांव तक पहुंचने का एक सुगम रास्ता भी दुर्लभ है।
विज्ञापन
निर्भया मामले में दोषियों को सजा मिलने के बाद निर्भया के माता-पिता
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा बिटिया के परिवार वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले संतुष्ट हैं। लालजी सिंह का कहना है कि निर्भया कांड में सुप्रीम कोर्ट ने जो रुख अपनाया उससे समाज में एक सबक लोगों को मिली। उनका मानना है इससे समाज में अपराध करने वालों को एक कड़ी सीख मिलेगी एवं आगे से कोई अपराध करने से डरेगा। इससे एक निर्भया को ही नहीं सैकड़ों निर्भया को उनकी आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि है।