प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी की ऐतिहासिक देव दीपावली में पहली बार शामिल होंगे। इतना ही नहीं, विश्वविख्यात देव दीपावली में शामिल होने वाले देश के पहले प्रधानमंत्री होंगे। पीएम के कार्यक्रम को लेकर काशी में जबरदस्त उत्साह है। साथ ही पावन धरा काशी पर पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभिनव प्रयोग करेंगे।
काशी के जल, थल और वायु मार्ग को प्रशस्त करेंगे पीएम मोदी, देश की आजादी के बाद काशी में पहली बार बन रहा यह खास संयोग
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विमान 30 नवंबर को सबसे पहले बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेगा और यहां से हेलीकाप्टर से वे खजूरी स्थित सभास्थल पर जाएंगे। काशी के जलमार्ग का पहली बार प्रयोग करते हुए डोमरी से काशी विश्वनाथ कॉरिडोर जाएंगे। गंगा में करीब एक घंटे से ज्यादा के जल विहार में पीएम मोदी क्रूज से घाटों पर सजी दीपमाला को निहारने के साथ ही प्रस्तावित रो रो सर्विस का भी ट्रायल लेंगे।
ऐसे में आने वाले समय में यातायात के विकल्प के रूप में बनारस को राजघाट से अस्सी के बीच रो रो सर्विस की सौगात मिल सकती है। इसके बाद सड़क मार्ग से प्रधानमंत्री सारनाथ जाएंगे। एक ही दौरे में जल, वायु और थल मार्ग का प्रयोग पहली बार करेंगे। यहां बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी काशी को ट्रांसपोर्ट हब और जल, थल व वायु मार्ग का प्रमुख केंद्र बनाने की बात कर चुके हैं। प्रयागराज-वाराणसी हाईवे की सौगात से अन्य शहरों से काशी की दूरी कम हो जाएगी।
ब्रांड बनारस को भी मिलेगी नई पहचान
पीएम नरेंद्र मोदी के देव दीपावली महोत्सव में शरीक होने से ब्रांड बनारस को नई पहचान मिलेगी। पिछले दो साल से राज्य सरकार ने देव दीपावली को भव्य बनाने की पहल शुरू की और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस आयोजन में शामिल होते थे। पहली बार पीएम की मौजूदगी से देव दीपावली की भव्यता और बढ़ेगी। इससे देसी व विदेशी सैलानियों का काशी की ओर आकर्षण तेजी से बढ़ेगा।
दीपों से सजी रंगोलियों की हजारों श्रृंखलाएं चौरासी घाटों पर रहेंगी आकर्षण का केंद्र
उत्तरवाहिनी गंगा तट से लेकर वरुणा के किनारे भी दीप मालिकाओं से रोशन होंगे। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में भी मंदिर, घाट और नदियों के किनारों को रोशनी से सजाने की तैयारियां चल रही हैं। दीपों से सजी भव्य रंगोलियों की हजारों शृंखलाएं चौरासी गंगा घाटों पर आकर्षण का केंद्र होंगी।
देव दीपावली पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से लेकर शूलटंकेश्वर, रामेश्वर और पंचक्रोशी के परिक्रमा पथ पर भी तैयारियां चल रहीं हैं। पंचक्रोशी परिक्रमा पथ के मंदिर, कुंड, तालाब और सरोवरों के किनारे देव दीपावली की छटा बिखरेगी। कैथी स्थित मार्कंडेय महादेव घाट, गौरीशंकर महादेव घाट, चंद्रावती घाट व गौरा उपरवार घाट पर भी लोगों ने दीपों से सजावट की तैयारियां कर रखी हैं।
संत रविदास मंदिर, संत कबीरदास की जन्मस्थली समेत मठ, मंदिर और आश्रम भी देव दीपावली का उल्लास मनाएंगे। रामेश्वर तीर्थ धाम का मंदिर व वरुणा घाट भी दीपों से जगमग होगा। वरुणा नदी में श्रद्धालु दीप अर्पित करेंगे। कर्दमेश्वर, भीमचंडी, शिवपुर, कपिलधारा में भी देव दीपावली की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं।