{"_id":"58cea0764f1c1bf4431a1606","slug":"nilkanth-tiwari-first-time-elect-mla-and-minister-know-the-full-story-of-him","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"पूर्वांचल के इस शख्स को टिकट मिलने पर हुआ था आश्चर्य, पहली बार लड़े चुनाव और बने मंत्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पूर्वांचल के इस शख्स को टिकट मिलने पर हुआ था आश्चर्य, पहली बार लड़े चुनाव और बने मंत्री
amarujala.com- presented by : उत्पल कांत
Updated Mon, 20 Mar 2017 03:33 PM IST
विज्ञापन
nilkanth
- फोटो : facebook
वाराणसी के शहर दक्षिणी से पहली बार विधायक और राज्यमंत्री बने नीलकंठ तिवारी को जब भाजपा से टिकट मिला था तो लोगों को आश्चर्य में पड़ गए थे। ऐसा इसलिए क्योंकि वरिष्ठ नेता और सात बार के विधायक श्याम देव राय चौधरी दादा का टिकट काट कर इस सीट से उन्हें मैदान में उतारा गया था। चर्चा यह भी रही कि प्रधानमंत्री ने ही इन्हें टिकट दिलाया। चुनाव के दौरान पीएम तीन दिन तक काशी में रुके तो एक वजह दक्षिणी सीट पर नीलकंठ को विजय दिलानी भी रही। आगे की स्लाइड्स में जानिए नीलकंठ तिवारी की कहानी...
नीलकंठ तिवारी
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा से टिकट कटने के बाद वह दादा खासे नाराज हो गए थे। उनकी नाराजगी से पार्टी में भी खासा असंतोष रहा। एक धड़ा दादा के साथ खड़ा रहा। पार्टी जनों की नाराजगी को मिटाने के लिए पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को कमान संभालनी पड़ी थी। वाराणसी की आठों विधानसभा सीटों में शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र की सीट ही रही जहां कांटे की लड़ाई हुई जिसमें नीलकंठ ने राजेश मिश्र को 16 हजार से अधिक मतों से पराजित किया। नीलकंठ को पीएम नरेंद्र मोदी का नजदीकी भी माना जाता है।
nilkanth
- फोटो : अमर उजाला
पहली बार विधायक और राज्यमंत्री बने नीलकंठ तिवारी के घर रविवार को जश्न का माहौल था। सुदामापुर बड़ी गैबी में टकटकी लगाकर टीवी देखने वाले परिवार ने तालियां बजाकर स्वागत किया और एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाईयां दी। जब नीलकंठ के संघर्ष के बारे में पूछा गया तो पत्नी पूनम तिवारी के आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। पुत्री सांभवी, पुत्र सांभव के खुशियों का ठिकाना नहीं रहा। दोनों ने अपने पिता को बेस्ट बताया। पिता ओंकारनाथ तिवारी और माता लाली देवी ने बेटे को आशीर्वाद देते हुए जनता की सेवा करने की सीख दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
nilkanth
- फोटो : facebook
ग्रामीण परिवेश से प्राथमिक शिक्षा ग्रहण कर शहर आने वाले नीलकंठ तिवारी ने हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज से बीएससी और एलएलबी किया। इसके बाद एकात्म मानववाद एवं सामाजिक अभियांत्रिकी विषय से पीएचडी की उपाधि हासिल की। नीलकंठ ने हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज से अपना राजनैतिक जीवन शुरू किया। वह 1989 में यहां छात्र संघ के महामंत्री रहे।
विज्ञापन
nilkanth
- फोटो : अमर उजाला
नीलकंठ तिवारी पेशे से अधिवक्ता हैं। वह 2014 में सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। उन्होंने विनायका वार्ड से पार्षदी का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन तब उनकी हार हो गई थी। नीलकंठ भारतीय युवा मोर्चा के महानगर अध्यक्ष रहे। वर्तमान में वह भाजपा काशी क्षेत्र के उपाध्यक्ष हैं। नीलकंठ तिवारी मूल रूप से देवरिया के रहने वाले हैं। इनके पिता ओंकार नाथ तिवारी पुलिस विभाग में थे। अब वह सेवा निवृत्त हो चुके हैं। नीलकंठ की मां लाली देवी गृहणी हैं।