दुर्गा पूजा और दशहरा को लेकर शासन की गाइडलाइन के बाद अब स्थानीय स्तर पर वाराणसी जिला प्रशासन ने भी अपनी गाइडलाइन जारी कर दी हैं। इस बार सड़कों और चौराहों पर कोई भी पंडाल लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। सड़क से हटकर शासन की गाइडलाइन के अनुसार, पंडाल सजाया जा सकेगा।
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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा।
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जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बुधवार को कैंप कार्यालय में दुर्गा पूजा समिति के पदाधिकारियों के साथ बैठक कर शासन के निर्देशों के अनुरूप पालन करने का निर्देश दिया। एसएसपी अमित पाठक की मौजूदगी में हुई बैठक के बाद जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बताया कि दुर्गा पूजा के अवसर पर समितियों द्वारा दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना और रावण का पुतला दहन करने की परंपरा निभाई जाती है, इसमें भारी संख्या में भीड़ होती है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कोरोना महामारी को देखते हुए खुली जगहों पर एक समय में 100 से अधिक लोगों के इकट्ठा न होने, कैंपस या बंद परिसर में अधिकतम 200 लोगों की अनुमति और 5 फीट ऊंची और 5 फीट चौड़ी प्रतिमा स्थापित करने की अनुमति दी है।
डीएम ने बताया कि पंडाल में प्रवेश और निकास की व्यवस्था अलग-अलग होगी और यहां पर थर्मल स्क्रीनिंग से जांच के बाद ही किसी को अंदर जाने की अनुमति मिलेगी। दुर्गा पूजा समितियों को पंडाल में भीड़ नियंत्रित करने के लिए वालंटियर रखना होगा। इसके अलावा भजन संगीत के अलावा कोरोना से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।
गुरुवार तक मूर्ति, कलश स्थापना का स्थान, विसर्जन की तिथि की सूचना थानों पर जमा करना होगा। इसके बाद थानों से ही विसर्जन का क्रम भी निर्धारित किया जाएगा जिससे कि किसी तरह की कोई पर असुविधा ना हो। उन्होंने बताया कि विसर्जन के लिए केवल छोटी गाड़ी टाटा मैजिक की ही अनुमति मिलेगी और अधिकतम 10 लोग ही जा सकेंगे। विसर्जन का मार्ग और विसर्जन के बाद वापसी का मार्ग अलग-अलग निर्धारित किया जाएगा।