फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

इस साल वासंतिक नवरात्र में बन रहा है अद्भुत संयोग, कलश स्थापना के लिए मिलेगा सिर्फ 49 मिनट का समय

Fri, 05 Apr 2019 08:53 AM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Published by: Sayali Maurya Updated Fri, 05 Apr 2019 08:53 AM IST
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2019 timing for kalash sthapana

मां दुर्गा के नौ रातों का पर्व नवरात्रि वर्ष में दो बार आता है। इस साल वासंतिक नवरात्र 6 अप्रैल से शुरू होने जा रहा है। यह वासंतिक नवरात्र आठ दिन का होगा। इस बार वासंतिक नवरात्र को लेकर बहुत ही अद्भुत संयोग बन रहा है। जानिए आगे की स्लाइड्स में...

Chaitra Navratri 2019 timing for kalash sthapana

चैत्र शुक्ल पक्ष का बड़ा धार्मिक महत्व है। इसमें नौ दिनों तक मां शक्ति भगवती का व्रत और दुर्गा शप्तशती का पाठ करने से आध्यात्मिक और भौतिक दोषों पर विजय प्राप्त होती है। इस नवरात्र को वासंतिक नवरात्र कहा जाता है। आठ दिन का नवरात्र होने के चलते शक्ति की उपासना के लिए यह नवरात्र बेहद शुभ है। 

 

Chaitra Navratri 2019 timing for kalash sthapana

मान्यता के अनुसार शनिवार को दुर्गापूजा का लाख नहीं करोड़ गुना फल मिलता है। ग्रह स्थिति के अनुसार में स्वगृही गुरु, उच्च स्थान का राहु आदि योग से नवरात्र अत्यंत शुभ माना जा रहा है। अश्व पर आने से राज भंग और भैंसे पर गमन से रोग-शोक की आशंका बनी रहती है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Chaitra Navratri 2019 timing for kalash sthapana

इस लिए माना जा रहा है कि 2019 में वासंतिक नवरात्र में माता का आगमन अश्व पर और उनका गमन भैंसे पर होगा। लेकिन शनिवार से शुरू होकर शनिवार को समाप्त होने के कारण इस बार यह असर ना के बराबर रहेगा। इसलिए इस बार का नवरात्र विशेष फलदायी माना जा रहा है। इसको लेकर मंदिरों में तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। 

विज्ञापन
Chaitra Navratri 2019 timing for kalash sthapana

ज्योतिषाचार्य पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने बताया कि शनिवार 6 अप्रैल को दिनभर वैधृति योग है। वैधृति योग में कलश स्थापन आदि का निषेध है। ऐसे में दिन में 11:35 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक अभिजित मुहूर्त में कलश स्थापन किया जाएगा। चैत्र शुक्ल नवमी को रामनवमी होती है। मध्याह्न में भगवान राम का जन्म होता है। इसलिए रामनवमी व्रत किया जाता है। इस वर्ष अष्टमी शनिवार 13 अप्रैल को दिन में 8 बजकर 16 मिनट तक ही है। उसके बाद नवमी लग रही है जो दोपहर में है और दूसरे दिन रविवार को नवमी सुबह 6 बजे तक ही है। जबकि सोमवार को एकादशी व्रत भी है। इस कारण से महाष्टमी और रामनवमी दोनों व्रत शनिवार को ही किया जाएगा और व्रत का पारण 14 अप्रैल को सुबह 6 बजे के बाद होगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed