वाराणसी में शारदीय नवरात्र पर भी कोरोना काल में भक्तों की भीड़ उमड़ रही है। मां ब्रह्मचारिणी के दर्शन-पूजन के लिए एसबी दुर्गोत्सव समिति सुदिया बुलानाला ने औसनागंज में प्रतिमास्थापित की है।
वाराणसी देवी ब्रह्मचारिणी स्वरूप का मंदिर पक्का महाल में दुर्गा घाट पर स्थित है। इस बार देवी के दर्शन करने आज श्रद्धालु उमड़ पड़े। शारदीय नवरात्रि में द्वितीया की तिथि को देवी के ब्रह्मचारिणी स्वरूप के दर्शन पूजन का विधान और मान्यता है।
रविवार को देवी ब्रह्मचारिणी मंदिर में हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन किया। इस दौरान सामाजिक दूरी और कोरोना संक्रमण खतरों में जारी दिशा निर्देशों का पालन किया गया। मंदिर में मास्क लगाकर आने वाले भक्तों को ही प्रवेश की इजाजत रही।
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navratri 2020
- फोटो : navratri 2020
वहीं सुबह से मंदिर में दर्शन पूजन का क्रम शुरू हुआ तो अनवरत दोपहत तक आस्था की कतार लगी रही और पूरा मंदिर हर हर महादेव के साथ देवी गीतों और जयकारे से गूंजता रहा।
देवी मां का महत्व :
ब्रह्म का अर्थ तप से है और चारणी का अर्थ आचरण करने वाली। तप का आचरण करने वाली देवी के रूप में देवी दुर्गा के द्वितीय स्वरूप का नाम ब्रह्मचारी इसी वजह से पड़ने की मान्यता है। भगवती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए घोर तप किया था, देवी दुर्गा के तपस्विनी स्वरूप के दर्शन पूजन से भक्तों और उनके साधकों को अनंत शुभ फल प्राप्त होते हैं।